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दूर हुए देहरादून, मसूरी और यमुना घाटी दर्शन
प्रवेश कुमारी/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 07 Mar 2014 01:12 PM IST
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देहरादून, मसूरी और यमुना घाटी दर्शन दूर हो चले हैं। दरअसल दून दर्शन, मसूरी दर्शन और यमुना घाटी दर्शन (लखवाड़, जौनसार, महासू देवता दर्शन) के नाम से एक योजना शुरू की गई थी।
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महत्वाकांक्षी सेवा ठप
गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) ने प्रति सीट साझा आधार पर जो महत्वाकांक्षी सेवा शुरू की थी, वह ठप हो गई है। इस सेवा के जरिए पर्यटकों को साइट सीइंग कराई जा रही थी।
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पर्यटकों के निजी टैक्सी, ट्रैवल्स को प्राथमिकता देने की वजह से इसका यह हाल हुआ है। स्कूल टूर के सहारे अब इसे जीवनदान देने की कोशिश की जा रही है।
प्रति सीट साढ़े तीन सौ रुपए
इस 27 सीटर बस में दून और मसूरी के सफर के लिए प्रति सीट साढ़े तीन सौ रुपए, जबकि यमुना घाटी के लिए छह सौ रुपए प्रति सीट का पैकेज रखा गया है।
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अभी तक द्रोण पहुंचने वाले बाहरी पर्यटकों के साथ समस्या यह थी कि वह शेयरिंग बेसिस पर इस बस से जाने के बजाय अलग से बुकिंग कर जाना उचित समझ रहे हैं।
ऐसे में उन्हें छूट दिए जाने को लेकर भी योजना बनाई जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि तकरीबन एक दशक पहले शुरू हुई यह सेवा एक बार फिर पर्यटकों को लुभा सकेंगी।
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‘इसी दिसंबर माह में एक बार फिर से इस सेवा का पैकेज तैयार किया है। स्कूलों को अप्रोच किया जा रहा है। वाजिब कीमत में सभी स्थानों का भ्रमण इसे अलग बनाता है।’
- राजीव उनियाल, इंचार्ज, द्रोण ट्रैवल्स