अडाणी वीडियो प्रकरण: वीडियो वायरल करने वाले वेब पोर्टल पर शिकंजा कसने की तैयारी
उद्योगपति गौतम अडाणी के वायरल वीडियो के मामले में शुक्रवार को दर्ज एफआईआर में एक स्थानीय वेब पोर्टल को नामजद किया गया है। सरकार का मानना है कि वीडियो से छेड़छाड़ करके सरकार की छवि बिगाड़ने के पीछे इसी वेब पोर्टल के प्रबंधन का हाथ है।
लिहाजा साइबर सेल से अपराध की प्रथम दृष्टया पुष्टि के बाद इस पोर्टल के खिलाफ कैंट कोतवाली में आईटी एक्ट और आईपीसी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के स्थानीय एक्सपर्ट्स ने भी इस वीडियो को डॉक्टर्ड (वीडियो में छेड़छाड़) माना है। हालांकि, असल स्थिति चंडीगढ़ सेंट्रल फॉरेसिंक लैब से आने वाली रिपोर्ट में साफ हो पाएगी। फि लहाल पुलिस अग्रिम कार्रवाई में जुट गई है।
काबिलेगौर है कि वेब पोर्टल पहले भी कई बार सरकार की नजरों में चढ़ा था। हालांकि, इससे पहले इतनी बड़ी कार्रवाई कभी नहीं की गई थी। चूंकि, इस बार मामला सीधे सरकार की ख्याति से जुड़ा था, लिहाजा इस पर कार्रवाई की तैयारी की गई।
क्या है मामला
इस संबंध में सूचना एवं लोक जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक रवि बिजानिया की ओर से कैंट थाने में तहरीर दी गई थी। तहरीर में आरोप है कि वेब पोर्टल ने अडाणी और मुख्यमंत्री के बीच हो रही वार्ता का गलत अर्थ प्रदर्शित किया है। इससे न सिर्फ सरकार की छवि धूमिल हुई है बल्कि जनता और सरकार के बीच विश्वास को भी कमजोर करने का प्रयास किया गया है। सहायक निदेशक की तहरीर पर ही आईपीसी 469 (ख्याति को नुकसान पहुंचाने के लिए कूटरचना) और 65 आईटी एक्ट (कंप्यूटर संशाधनों से छेड़छाड़ की कोशिश) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
बता दें कि पहले एक वेब पोर्टल और फिर सोशल मीडिया पर पिछले कई दिनों से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व कई उच्चाधिकारियों के साथ उद्योगपति गौतम अडाणी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अडाणी इन्वेस्टर्स समिट और राज्य के विभिन्न प्रोजेक्ट की आलोचना करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में कैमरे का फोकस काफी दूर है और आवाज साफ नहीं है। इसे समझाने के लिए हिंदी में स्क्रोल भी चलाया जा रहा है।