सुसाइड करने से पहले छात्रा ने लगातार किए 17 मैसेज, लेकिन पिता नहीं पढ़ पाए आखिरी संदेश
डांग में रह रही एक छात्रा का शव संदिग्ध अवस्था में पंखे के हुक से लटकता हुआ मिला। छात्रा गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर में बीएससी तृतीय सेमेस्टर में अध्ययनरत थी। पुलिस प्रथम दृष्टया मामले को आत्महत्या का मान कर जांच में जुट गई है।
बृहस्पतिवार को अपनी बहन के साथ किराए का कमरा लेकर रही छात्रा निधि रतूड़ी पुत्री मनोज रतूड़ी निवासी पिनगढी (तिलवाड़ा) का शव पंखे के हुक से दुपट्टा से लटकता हुआ मिला। निधि की सहेली श्रुति ने सबसे पहले उसे पंखे से लटकता हुआ देखा।
श्रुति रोज की भांति कालेज चलने के लिए निधि को बुलाने के लिए उसके कमरे पर पहुंची थी। उसने खिड़की से ही निधि को पंखे से लटके हुए देखा और फिर आस-पड़ोस के लोगों को इसकी जानकारी दी। निधि ने केवल कमरे का जाली वाला दरवाजा ही बंद किया था। अंदर से चटकनी हल्के से लगाई गई थी।
पिता को भेजे थे व्हाट्सएप पर मैसेज
श्रुति के दरवाजा हिलाते ही चटकनी खुल गई। श्रुति ने बताया कि निधि अपनी बड़ी बहन प्रीति रतूड़ी के साथ यहां रहती थी। प्रीति एक निजी संस्थान से बीएड कर रही है। जबकि निधि बीएससी तृतीय सेमेस्टर की छात्रा थी।
निधि की बड़ी बहन प्रीति सुबह साढे़ 9 बजे कोचिंग क्लास के लिए चली गई थी। करीब साढे़ 10 बजे श्रुति निधि को बुलाने के लिए उसके कमरे पर पहुंची तो उसने निधि को पंखे के हुक से लटकते हुए देखा। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पंखे को उतारा। कोतवाल एनएस बिष्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। परिजनों व आस-पास के लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
निधि ने अपने पिता को सुबह 10 बजकर 7 मिनट से 10 बजकर 10 मिनट तक करीब 17 मैसेज किए थे, जिसमें निधि ने उनसे दूर जाने संबंधी बात कही है। मैसेज में उसने मम्मी पापा से इस कदम के लिए माफी मांगी है। नेट न चलने के कारण ये मैसेज उसके पापा तक नहीं पहुंच पाए।