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Gangotri Dham: भागीरथी का जलस्तर हुआ कम...पर घाटों पर फैला मलबा, लगा पत्थरों का ढेर

Sun, 28 Jul 2024 01:45 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 28 Jul 2024 01:45 PM IST
सार

गंगोत्री धाम में भागीरथी नदी के रौद्र रूप ने तीर्थ पुरोहितों सहित व्यवसायियों की वर्ष 2017 और 13 की यादें ताजा कर दी। इस कारण तीर्थ पुरोहितों को गंगोत्री मंदिर सहित आसपास की संपत्ति के नुकसान का डर सताने लगा है।

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Gangotri Dham water level of Bhagirathi river decreased but debris spread on ghats, pile of stones
गंगोत्री में घाट पर पत्थर और मलबा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गंगोत्री धाम में शनिवार को बढ़ा भागीरथी का जलस्तर आज सुबह कुछ कम हुआ है, लेकिन जलस्तर घटने के बाद अब घाटों पर मलबा और पत्थर का ढेर लग गया है। इससे घाटों को क्षति पहुंचने की भी संभावना जताई जा रही है। श्रीपांच गंगोत्री मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष महेश सेमवाल ने कहा  कि घाटों पर मलबा व पत्थर का ढेर पसरा होने से श्रद्धालुओं को जल भरने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा  है। 

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सात साल बाद गंगोत्री मंदिर के सामने पहुंचा भागीरथी का रौद्र रूप

गंगोत्री धाम में भागीरथी नदी के रौद्र रूप ने तीर्थ पुरोहितों सहित व्यवसायियों की वर्ष 2017 और 13 की यादें ताजा कर दी। इस कारण तीर्थ पुरोहितों को गंगोत्री मंदिर सहित आसपास की संपत्ति के नुकसान का डर सताने लगा है। क्योंकि सात वर्षों बाद गंगा का पानी गंगोत्री मंदिर के हैलीपैड मैदान तक पहुंच गया है।

बीते बृहस्पतिवार शाम को भोजवासा-चीड़बासा क्षेत्र में अधिक बारिश होने के कारण भागीरथी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने के कारण घाटों तक पहुंच गया। अचानक बढ़े जलस्तर को देख तीर्थ पुरोहित और यात्री खबरा गए। उसके बाद जलस्तर घटने पर लोगों ने राहत की सांस ली। शुक्रवार सुबह एक फिर जलस्तर बढ़ गया। देखते ही देखते जहां गंगोत्री धाम में दोपहर तक स्नान घाट जलमग्न हो गए। तो वहीं सुरक्षा दीवार न होने के कारण शिवानंद कुटीर के सामने पहाड़ी और विशालकाय बोल्डर होने के कारण नदी का पूरा पानी हंस गुफा और आश्रम की ओर डायवर्ट हो गया।

इस कारण वहां पर दस लोगों पुलिस-एसडीआरएफ की मदद से भाग कर अपनी जान बचाई। नदी का तेज बहाव होने के कारण उसका जलस्तर अधिक होने के कारण शिवानंद कुटीर और सिंचाई विभाग गेस्ट हाउस की ओर से गंगोत्री मंदिर के सामने हैलीपैड तक पहुंच गया। हालांकि मंदिर के सामने सुरक्षा दीवार होने के कारण पानी नीचे की ओर डायवर्ट हो गया। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर गंगोत्री धाम के मुख्य मंदिर की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैंं। गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश उनियाल ने कहा कि सिंचाई विभाग और वेबकोस कंपनी ने मात्र सिंचाई विभाग गेस्ट हाउस तक ही आरसीसी दीवारें लगाई।

जबकि तीर्थ पुरोहित लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि गेस्ट हाउस से लेकर शिवानंद कुटीर तक करीब 200 मीटर लंबी आरसीसी दीवार लगनी चाहिए। क्योंकि शिवानंद कुटीर से हमेशा पानी अंदर घुसता है। सुरक्षा कार्य नहीं हुए तो भविष्य में मंदिर को भी खतरा हो सकता है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता केएस चौहान ने बताया कि गेस्ट हाउस से लेकर हंस गुफा तक करीब 150 मीटर लंबी दीवार लगाने की योजना तैयार की जा रही है। जल्द ही इसकी डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।

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