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देहरादून में यहां लगा है बदमाशों का काला धन
मनमीत रावत/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 14 Feb 2014 12:22 PM IST
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फिरोज, अनिल उर्फ संजय और अब धर्मपाल...। राजधानी देहरादून में दो माह के भीतर तीन जिंदगी गैंगवार की भेंट चढ़ चुकी हैं।
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तीनों मामलों में प्रॉपर्टी के अवैध धंधे का कनेक्शन सामने आने के बाद पुलिस की पेशानी पर बल नजर आने लगे हैं। इस धंधे से सुशील मूंछ, चीनू पंडित सरीखे कुख्यातों का कनेक्शन साबित हो चुका है।
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नफा देखते हुए दून का रुख
दून में भूमाफिया के लगातार बढ़ते हौसले ने पिछले कुछ समय में जहां स्थानीय नए बदमाशों की फसल खड़ी की है, वहीं पश्चिमी यूपी के कई बदमाश भी नफा देखते हुए दून का रुख कर रहे हैं।
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चिंता यह है कि पिछली वारदातों में बदमाशों ने .9 एमएम पिस्टल इस्तेमाल की है। यह पिस्टल पुलिस या सेना के पास ही रहती है। अपराध की दुनिया में कुछ बड़े गिरोहों के पास ही ऐसे हथियार होने की जानकारी मिलती रही है।
बताया जाता है कि यूपी में अवैध जमीनों का धंधा कर करोड़ों रुपए कमाने के बाद बदमाश वहां गैंगवार से बचने के लिए दून आ रहे हैं।
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यहां भी वे प्रॉपर्टी डीलिंग करते हैं और मुख्यत: विवादित जमीनों पर ही कब्जा करने या दिलाने का काम करते हैं। ऐसे में जमीनों पर बदमाशों के आमने-सामने आने की आशंका आने वाले समय में दून में बड़ी गैंगवार की ओर इशारा करती है।
होटलों में भी लगा है काला धन
राजधानी के कई बड़े होटलों में भी पश्चिमी यूपी के हिस्ट्रीशीटरों का काला धन लगा है। पिछले साल एक होटल मालिक के बेटे पर हुई फायरिंग की जांच में इसकी पुष्टि हुई थी। होटल में लगाई रकम पर मुनाफा न मिलने से नाराज एक बदमाश ने यह फायरिंग करवाई थी।
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अभी पुलिस केवल मलिन बस्तियों में ही सत्यापन करती रही है। अब पॉश इलाकों में रहने वालों का भी वेरिफिकेशन किया जाएगा। कुछ मामलों में देखा गया कि वारदात को अंजाम देने वाले या मारा जाने वाला लंबे समय से पॉश इलाके में रह रहा था। लेकिन पुलिस को इसकी जानकारी नहीं थी।
- अजय रौतेला, एसएसपी