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किच्छा की गैंगरेप पीड़िता ने बच्चे को दिया जन्म, नवजात को अपनाने से किया इनकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भवाली (नैनीताल)
Updated Mon, 16 Jul 2018 11:36 AM IST
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टीबी का इलाज कराने किच्छा से सैनिटोरियम आई गैंगरेप पीड़िता ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बच्चे को जन्म दिया। महिला ने बच्चे को अपनाने से साफ इनकार कर दिया है। महिला ने इस दौरान अस्पताल से भागने की कोशिश की भी की, लेकिन स्टाफ ने उसे समझा-बुझाकर रोके रखा। डॉक्टर ने जच्चा-बच्चा दोनों की स्थिति सामान्य बताई है।
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किच्छा निवासी 36 वर्षीय महिला टीबी की रोगी है। वह इलाज कराने रविवार को यहां सैनिटोरियम आई थी। यहां पहुंचने से पहले ही उसके पेट में दर्द होने लगा। उसे देखकर स्थानीय लोगों ने पुलिस को बुलाया। पुलिस की मदद से महिला को सीएचसी ले जाया गया। जहां उसने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। लेकिन, उसने इसे अपनाने से इनकार कर दिया। महिला ने बताया कि 14 वर्ष पहले उसके पति की मौत हो गई थी।
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उसके दो बड़े बच्चे हैं। बेटी की उम्र 17 वर्ष और बेटा 14 वर्ष का है। परिवार पालने के लिए वह किच्छा स्थित एक दवा फैक्ट्री में काम करने लगी। फैक्ट्री से लौटते वक्त एक दिन उसके साथ दो लोगों ने सामूहिक दुराचार किया। बदनामी के डर से उसने पुलिस को कुछ नहीं बताया। बदनामी के डर से ही अब वह नवजात को साथ नहीं ले जा सकती। वहीं, डॉक्टरों का कहना है कि 48 घंटे तक जच्चा-बच्चा उनकी देखरेख में रहेगा। इसके बाद ही अगली कार्रवाई की जा सकेगी।
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