गैरसैंण बजट सत्र 2018: एक नजर में जानिए महामहिम के अभिभाषण की 10 खास बातें...
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राज्यपाल डॉ. कृष्णकांत पॉल ने मंगलवार से भराड़ीसैंण में शुरू हुए विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन विपक्ष के हंगामे के बीच अपना अभिभाषण पढ़ा।
जहां विपक्षी सदस्य राजधानी पर सरकार का रुख स्पष्ट करने की मांग पर वेल में खड़े होकर पीठ के समक्ष जोरदार नारेबाजी कर रहे थे, वहीं महामहिम राज्य सरकार के एक साल के कामकाज और भावी योजनाओं का खाका पेश कर रहे थे। विपक्ष की लगातार नारेबाजी के बीच वह करीब एक घंटे तक लगातार भाषण पढ़ते रहे।
अपने अभिभाषण में उन्होंने प्रदेश सरकार की एक साल की उपलब्धियों का सिलसिलेवार जिक्र किया तो सरकार की भावी प्राथमिकताओं को भी रखा। उन्होंने ऑलवेदर रोड, एयर कनेक्टिविटी, केदारनाथ में पुनर्निर्माण, भारत माला परियोजना समेत कई अन्य योजनाओं के लिए प्रधानमंत्री व केंद्र सरकार का आभार जताया और उम्मीद जाहिर की कि उसका यह सहयोग आगामी वर्ष में भी जारी रहेगा।
इससे पूर्व जब वह भराड़ीसैंण पहुंचे तो पुलिस व विधानसभा के जवानों ने उनका गार्ड ऑफ आनर से अभिभावदन किया। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पंत सत्कार के साथ महामहिम को सभामंडप तक ले गए। सदन में जैसे ही राज्यपाल ने अभिभाषण शुरू किया, विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी।
ये रही खास बातें...
जीएसटी से शुरुआत
राज्यपाल ने प्रदेश सरकार के एक साल के कामकाज की शुरुआत जीएसटी से की। कहा कि जीएसटी में 134752 व्यापारी पंजीकृत हो चुके हैं। उन्होंने व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना का जिक्र किया, जिसमें व्यापारी की मृत्यु होने पर उसके आश्रित को पांच लाख रुपये तत्काल आर्थिक सहायता का प्रावधान है।
भ्रष्टाचार पर लगाया अंकुश
राज्यपाल ने कहा कि पिछले एक साल में प्रदेश सरकार ने स्वच्छ व पारदर्शी नीति अपनाते हुए भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया और अंतिम व्यक्ति को राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया।
रोजगार पर फोकस
राज्यपाल ने कहा कि राजकीय सेवा में खाली पदों पर सीधी भर्ती के पद भरे जा रहे हैं। 6450 पदों को भरने के लिए अधीनस्थ चयन आयोग ने विज्ञप्ति जारी कर दी है। 1175 पदों पर चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। परिवहन विभाग में 424 संविदा परिचालकों की भर्ती परीक्षा के बाद नियुक्ति प्रक्रिया गतिमान है। रोजगार बढ़ाने के उद्देश्य से 25 संस्थानों का चयन कर वहां रोजगार प्रशिक्षण के लिए 500 करोड़ रुपये की योजना बनेगी।
देहरादून-हल्द्वानी में फोरलेन रिंग रोड पर जोर
राज्यपाल ने कहा कि देहरादून शहर में फोर लेन रिंग रोड बनाई जाएगी। 115 किमी लंबी रिंग रोड के निर्माण पर 1410 करोड़ रुपये लागत आएगी। शासन ने इसकी स्वीकृति दे दी है। हल्द्वानी नगर में 40 किमी रिंग रोड बनेगी। पहले चरण के लिए 157 करोड़ रुपये की स्वीकृति हो चुकी है। कंसलटेंसी का कार्य चल रहा है।
देहरादून में फोरलेन का काम दिसंबर तक होगा पूरा
अभिभाषण में राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग 72 के तहत मोहकमपुर व देहरादून में फोर लेन सड़कों का निर्माण दिसंबर तक पूरा हो जाएगा।
ये रही खास बातें...
भराड़ीसैंण में मिनी सचिवालय
राज्यपाल ने अभिभाषण में भराड़ीसैंण के अवस्थापना विकास का भी जिक्र किया। कहा कि सरकार भराड़ीसैंण में मिनी सचिवालय का निर्माण करेगी, जिसके लिए 67.50 एकड़ भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही है।
डिजिटल वालंटियर तैयार हो रहे
उन्होंने कहा कि राज्य में आम जनमानस को विज्ञान से जोड़ने के लिए सरकार डिजिटल व साइंस वालंटियर तैयार कर रही है।
सरकार की अभिनव पहल
राज्यपाल ने अभिभाषण में सरकार की कुछ अभिनव पहल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विश्व बैंक की मदद से जल प्रबंधन परियोजना का निर्माण करेगी। 40 मेगावाट सोलर पावर प्रोजेक्ट परियोजना तैयार हो रही है। खेतों में सिंचाई के लिए लिफ्ट योजनाओं का सर्वेक्षण शुरू हो गया है। देहरादून शहर के पानी की जरूरत सांग नदी पर बनने वाले बांध से पूरी होगी। यू हेल्थ परियोजना अनिवार्य रूप लागू करने के लिए प्रक्रिया तेज कर दी गई है। हर जिले आईसीयू खोलने की प्रक्रिया गतिमान है। ग्राम पंचायतों के विकास के लिए अब्दुल कलाम ग्राम बदलाव योजना शुरू की है।
महिला स्वयं सहायता समूहों की तरक्की
महिला स्वयं सहायता समूहों की मजबूती को आदिभोग योजना आरंभ होगी। कॉलेजों व विवि में साइबर सिक्योरिटी पर आधारित कोर्स आरंभ किए जा रहे हैं। सरकारी और व मान्यता प्राप्त निजी कालेजों में एनसीईआरटी की किताबें लागू होंगी। सीमांत ब्लाकों में आवासीय विद्यालय खुलेंगे। बच्चों में आयरन की कमी दूर करने को सभी स्कूलों को मिड-डे मील के लिए लोहे की कढ़ाई उपलब्ध कराई जाएगी। आईटीआई संस्थानों में प्लंबिंग लैब स्थापित होगी। एसएसए पैसिफिक दून बुक बैंक की शुरुआत हुई। हल्द्वानी और देहरादून में विभिन्न कंपनियों से एमओयू कर रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित होंगे। आमजन को विज्ञान से जोड़ने के लिए सरकार साइंस व डिजिटल वालंटियर तैयार कर रही है।
खेती और किसान पर जोर
राज्यपाल ने कहा कि सरकार का पर्वतीय क्षेत्रों में कलस्टर आधारित खेती पर फोकस है और वह स्वैच्छिक चकबंदी को प्रेरित कर रही है। न्याय पंचायत पर 200 मशीनरी बैंक स्थापित किए जा रहे हैं। कृषि, जड़ी-बूटी व जैविक खेती को पर्यटन से जोड़कर कार्ययोजना बनाई जा रही है। 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने को उन्नत बीज, यंत्र, नवीनतम तकनीक पर जोर दे रही है। खेती को पशुधन, कुक्कुट पालन, मत्स्य पालन से जोड़ने के प्रयास हो रहे हैं। सरकार का मधुमक्खी पालन, सब्जी पौध उत्पादन, फलपट्टी विकसित करने पर फोकस है।