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प्रेमनगर अस्पताल का हाल: इमरजेंसी में फर्नीचर-स्ट्रेचर बेकार, बाजार से मंगा रहे महंगी दवा
Tue, 26 Jul 2022 06:21 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 26 Jul 2022 06:21 PM IST
सार
प्रभारी सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. आर राजेश कुमार ने अस्पताल का निरीक्षण किया तो अव्यवस्थाओं की कलई खुल गई। इमरजेंसी वार्ड में साफ-सफाई न होने, वहां मरीजों के लिए फर्नीचर, स्ट्रेचर आदि की व्यवस्था ठीक न होने पर नाराजगी जताई।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : istock
विस्तार
देहरादून के प्रेमनगर उपजिला अस्पताल में अव्यवस्थाएं हावी हैं। इमरजेंसी के फर्नीचर और स्ट्रेचर बेकार हैं। वहीं, मरीजों से महंगी दवाएं बाजार से मंगाई जा रही हैं। अस्पताल में अन्य कई तरह की अव्यवस्थाएं भी मरीजों और तीमारदारों का मर्ज बढ़ा रहे हैं।
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सोमवार को दोपहर प्रभारी सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. आर राजेश कुमार ने अस्पताल का निरीक्षण किया तो अव्यवस्थाओं की कलई खुल गई। इमरजेंसी वार्ड में साफ-सफाई न होने, वहां मरीजों के लिए फर्नीचर, स्ट्रेचर आदि की व्यवस्था ठीक न होने पर नाराजगी जताई। सीएमएस को शीघ्र व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने ड्यूटी चार्ट का भी निरीक्षण किया। प्रभारी सचिव ने ड्रग स्टोर के निरीक्षण में पाया कि बच्चों की दवाइयों की भारी कमी हैं। इन दवाओं की कमी को जल्द दूर करने के निर्देश दिए। अस्पताल में जगह-जगह अंधेरा और साफ-सफाई की कमी मिली।
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इसके बाद चंदन पैथोलॉजी लैब का निरीक्षण किया और पैथोलॉजी सेवा को 104 हेल्पलाइन नंबर से जोड़ने की बात कही। निरीक्षण के दौरान पाया कि एक महिला अपने आठ माह के बच्चे के साथ वार्ड में है। उसे 450 रुपये की दवा निजी केमिस्ट से लिखी गई, जिसे प्रभारी सचिव द्वारा गंभीरता से लिया और सीएमएस को निर्देश दिए कि जो दवा व जांचों की सुविधा सरकार द्वारा दी जाती है, अगर उन्हें निजी अस्पतालों या केमिस्ट के लिए लिखा पाया गया तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। वार्ड में डॉक्टर द्वारा मरीजों को नियमित रूप से नहीं नहीं देखा गया तो इसमें भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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