फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Free wifi in All schools and Hospitals will provide till 2019 in uttarakhand

उत्तराखंड के सभी स्कूलों और अस्पतालों में मिलेगी फ्री वाई-फाई सेवा, हर गांव में पहुंचेगा इंटरनेट

Tue, 27 Nov 2018 08:39 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नैनीताल Updated Tue, 27 Nov 2018 08:39 AM IST
विज्ञापन
Free wifi in All schools and Hospitals will provide till 2019 in uttarakhand
trivendra singh rawat
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि साल 2019 तक हर गांव में तक इंटरनेट पहुंचाया जाएगा। इसके लिए टेलीकॉम कंपनियों से बात की जा चुकी है। मेडिकल क्षेत्र में सुधार के लिए इंटरनेट सेवा बेहतर होना जरूरी है।
विज्ञापन


हम अस्पतालों और कॉलेजों को फ्री वाईफाई देंगे। ऐसे में जांच रिपोर्ट 2-4 घंटे में आ जाया करेगी। दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए हमने विशेषज्ञ डॉक्टरों से बात की है।
विज्ञापन


हमारा प्रयास है कि स्पेशलिस्ट डॉक्टर दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर सीजर करें। इसके लिए हम उन्हें एयर एंबुलेंस और हवाई सेवा उपलब्ध करवाएंगे। दूरदराज के पहाड़ी क्षेत्रों में डॉक्टरों को हवाई सेवा से पहुंचाया जाएगा। सीएम ने कहा कि इसके लिए जिला अस्पतालों में आईसीयू की जरूरत है, जिन्हें बनवाया जा रहा है।  
विज्ञापन
विज्ञापन

भ्रष्ट अधिकारियों पर कसेगा शिकंजा

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सरकार समय से शिकायतों का निस्तारण न करने वाले और भ्रष्ट अधिकारियों पर शिकंजा कसने के लिए राजधानी और जिलों में कॉल सेंटर का संचालन करने जा रही है। कॉल सेंटर पर आने वाली शिकायतों की मॉनीटरिंग वह खुद करेंगे।

अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। लापरवाही बरतने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।  सोमवार को नैनीताल क्लब में जनमिलन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि शॉर्ट नोटिस पर उन्हें नैनीताल आना पड़ा है।

इंवेस्टर समिट से आएगा 34 हजार करोड़ का निवेश

वह भ्रष्टाचार मुक्त विकास चाहते हैं। जनता की समस्याओं के समाधान के लिए कॉल सेंटर शुरू करने की योजना बनाई गई है। कॉल सेंटर का एक नंबर जारी किया जाएगा। जनता उस नंबर पर फोन कर अपनी समस्या दर्ज करवाएगी।

संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी होगी कि वह समय रहते समस्या का समाधान कर दें। समय रहते समाधान न होने पर शिकायत उच्च अधिकारियों को ट्रांसफर होती रहेगी। आखिर में यह शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंच जाएगी। यदि शिकायत सही पाई गई और अधिकारियों की लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि 17-18 साल के दौरान राज्य में कुल 37 हजार करोड़ रुपए का निवेश हुआ है जबकि इंवेस्टर समिट के बाद निवेशक राज्य में 34 हजार करोड़ रुपये का निवेश करने को तैयार हो गए हैं। जितना निवेश 18 साल में आया है उतना सिर्फ एक समिट के बाद मिलने जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed