फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   fraud in land lone.

जमीनों के लोन पर अब नहीं चलेगी फर्जीवाड़ा

Fri, 13 May 2016 10:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 13 May 2016 10:43 AM IST
सार

  • राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में लिया गया फैसला
  • बैंक से लोन होने के दस दिन में हो जाएगी तहसील से एंट्री
  • मुख्य सचिव ने ऋण-जमा अनुपात बढ़ाने पर दिया जोर

विज्ञापन
fraud in land lone.
धोखा - फोटो : demo pic

विस्तार

अब जमीनों के लोन के नाम पर बैंकों के साथ फर्जीवाड़ा नहीं चलेगा। बैंकों का लोन सिस्टम हाईटेक होने जा रहा है। जैसे ही ग्राहक अपनी जमीन पर लोन लेगा तो उसके दस दिन के भीतर जमीन के कागजों में इस लोन की एंट्री दर्ज हो जाएगी।

विज्ञापन


इसकी ऑनलाइन प्रक्रिया को राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 57वीं बैठक में हरी झंडी दे दी गई। बैठक में पहुंचे मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने ऋण-जमा अनुपात बढ़ाने पर जोर दिया।
विज्ञापन


होगी ऑनलाइन एंट्री
बृहस्पतिवार को सुभाष रोड स्थित होटल में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जमीनों पर लोन के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े रोकने को लेकर अहम निर्णय लिया गया। लोन पास होने के दस दिन के भीतर तहसीलदार की ओर से ऑनलाइन एंट्री कर दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके अलावा प्रदेश के 2680 स्वयं सहायता समूहों का बैंकों में 16.72 करोड़ एनपीए का मामला भी जोरशोर से उठा। इस पैसे की वसूली के लिए कुछ नए तरीकों पर चर्चा की गई। बैठक में मुख्य सचिव ने बैंकों को निर्देश दिया कि वह ऋण-जमा अनुपात बढ़ाने के लिए काम करें।

जमा राशियों में बढ़ोतरी
भारतीय स्टेट बैंक के महाप्रबंधक बीके दास ने बताया कि राज्य में ऋण-जमा अनुपात करीब 59 प्रतिशत है। बैंकों में जमा राशियों में बीते वित्तीय वर्ष में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत निर्धारित 1728 करोड़ के सापेक्ष बैंकों ने 1386 करोड़ रुपये का लोन वितरित किया है।

मुख्य सचिव ने कहा कि जो योजनाएं यहां बनाई जाती हैं, उन्हें धरातल पर लाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को ज्यादा लोन देने पर भी जोर दिया। फसल बीमा के मामले में भी मुख्य सचिव ने बैंकों को जागरूकता बढ़ाने के लिए कहा, ताकि किसान अपनी फसल बोते वक्त ही उसका बीमा करा ले।


सभी लीड बैंक अधिकारियों को ज्यादा से ज्यादा खातों को आधार से लिंक करने को कहा गया। इस मौके पर उत्तराखंड राज्य बैंकों की वार्षिक ऋण योजना पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। बैठक में एसबीआई के उप महाप्रबंधक एमबी दिवाकर, आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक विवेक दीप, भारतीय रिजर्व बैंक देहरादून के महाप्रबंधक केएस ज्योत्सना, नाबार्ड मुख्य महाप्रबंधक डीएन मगर आदि मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed