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जनता की मोहर लगने बाद भेजा जाएगा मास्टर प्लान : नौटियाल
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I- गांव की सीमा से दूर होगी चकराता की नई टाउनशिप
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I- भौगोलिक, सामाजिक और सांस्कृतिक स्थिति पर नहीं पड़ेगा प्रभावI
वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामशरण नौटियाल ने कहा कि नई चकराता टाउनशिप को लेकर कुछ लोग भ्रम पैदा कर रहे हैं। कहा कि टाउनशिप और गावों की सीमा के बीच एक निर्धारित दूरी होगी। ऐसे में टाउनशिप से क्षेत्र की भौगौलिक, सामाजिक और सांस्कृतिक स्थिति पर विपरीत प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं बनती है। जनता की मोहर लगने के बाद ही मास्टर प्लान शासन को भेजा जाएगा।
उन्होंने बताया कि अभी टाउनशिप का सर्वे होगा। जिसके लिए शासन की ओर से दो करोड़ रुपये की धनराशि कार्यदायी संस्था को जारी कर दी गई है। लोगों के सुझावों पर पहले सर्वे होगा। उसके बाद योजना में क्षेत्र का भू उपयोग दर्ज होगा। जनता भू उपयोग को लेकर आपत्ति दर्ज करवा सकती है। आपत्तियों के निराकरण और सुझावों पर ही प्लान तैयार किया जाएगा। यह लोगों पर है कि वह अपनी भूमि पर व्यापार करें या उसपर आवास बनाएं।
उन्होंने कहा कि लोगों के हित सुरक्षित रहे उसके लिए उन्होंने टाउनशिप का प्रारंभिक खाका तैयार करने के साथ ही नवीन चकराता विकास समिति का गठन कर दिया था। कहा कि गांवों से प्रस्तावित टाउनशिप की अनुमानित दूरी 200 मीटर से दो किलोमीटर तक होगी। दूरी लोगों के सुझावों पर घट या बढ़ भी सकती है। मसूरी-चकराता राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे ढांग पर टाउनशिप विकसित होनी है। चारागाह पहले की तरह बने रहेंगे और पशुओं को चराने में दिक्कत नहीं होगी है।
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Iजिला पंचायत ने किया था प्रस्ताव पासI
टाउनशिप पर सहमति न बनने को लेकर रामशरण नौटियाल ने कहा कि वर्ष 1997 में जिला पंचायत ने इसका प्रस्ताव पास किया था। बताया कि अधिसूचना जारी करने से पूर्व शासन प्रशासन से हुए पत्राचार में 26 प्रधानों से टाउनशिप पर सहमति दी है। बतादें कि वर्ष 1997 में रामशरण नौटियाल ने नया चकराता बसाने की कवायद शुरू की थी। करीब 26 साल बाद कैबिनेट की मंजूरी और अधिसूचना जारी होने के बाद आखिरकार नए चकराता के विकसित होने उम्मीद जगी है।
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I- भौगोलिक, सामाजिक और सांस्कृतिक स्थिति पर नहीं पड़ेगा प्रभावI
वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामशरण नौटियाल ने कहा कि नई चकराता टाउनशिप को लेकर कुछ लोग भ्रम पैदा कर रहे हैं। कहा कि टाउनशिप और गावों की सीमा के बीच एक निर्धारित दूरी होगी। ऐसे में टाउनशिप से क्षेत्र की भौगौलिक, सामाजिक और सांस्कृतिक स्थिति पर विपरीत प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं बनती है। जनता की मोहर लगने के बाद ही मास्टर प्लान शासन को भेजा जाएगा।
उन्होंने बताया कि अभी टाउनशिप का सर्वे होगा। जिसके लिए शासन की ओर से दो करोड़ रुपये की धनराशि कार्यदायी संस्था को जारी कर दी गई है। लोगों के सुझावों पर पहले सर्वे होगा। उसके बाद योजना में क्षेत्र का भू उपयोग दर्ज होगा। जनता भू उपयोग को लेकर आपत्ति दर्ज करवा सकती है। आपत्तियों के निराकरण और सुझावों पर ही प्लान तैयार किया जाएगा। यह लोगों पर है कि वह अपनी भूमि पर व्यापार करें या उसपर आवास बनाएं।
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उन्होंने कहा कि लोगों के हित सुरक्षित रहे उसके लिए उन्होंने टाउनशिप का प्रारंभिक खाका तैयार करने के साथ ही नवीन चकराता विकास समिति का गठन कर दिया था। कहा कि गांवों से प्रस्तावित टाउनशिप की अनुमानित दूरी 200 मीटर से दो किलोमीटर तक होगी। दूरी लोगों के सुझावों पर घट या बढ़ भी सकती है। मसूरी-चकराता राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे ढांग पर टाउनशिप विकसित होनी है। चारागाह पहले की तरह बने रहेंगे और पशुओं को चराने में दिक्कत नहीं होगी है।
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Iजिला पंचायत ने किया था प्रस्ताव पासI
टाउनशिप पर सहमति न बनने को लेकर रामशरण नौटियाल ने कहा कि वर्ष 1997 में जिला पंचायत ने इसका प्रस्ताव पास किया था। बताया कि अधिसूचना जारी करने से पूर्व शासन प्रशासन से हुए पत्राचार में 26 प्रधानों से टाउनशिप पर सहमति दी है। बतादें कि वर्ष 1997 में रामशरण नौटियाल ने नया चकराता बसाने की कवायद शुरू की थी। करीब 26 साल बाद कैबिनेट की मंजूरी और अधिसूचना जारी होने के बाद आखिरकार नए चकराता के विकसित होने उम्मीद जगी है।