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राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क में वार्डन की चौखट पर दम तोड़ रहे निदेशक के आदेश

Mon, 25 Sep 2017 03:27 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार Updated Mon, 25 Sep 2017 03:27 PM IST
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forgery in rajaji tiger reserve van arkshi posts
पूरी भर्ती में 21 अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए - फोटो : google

राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क में वन आरक्षी के पदों पर हुई फर्जी भर्ती के मामले में पार्क निदेशक की ओर से दिए गए मुकदमा दर्ज करने के आदेश को वार्डन ने ताक पर रख दिया है।

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आदेश दिए पांच दिन से अधिक हो गए हैं, लेकिन वार्डन ने पुलिस में तहरीर देने की जहमत तक नहीं उठाई है। इसके कारण अफसरों के बीच आपसी राजनीति मानी जा रही है। राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क में वर्ष 2015 में वन आरक्षी पदों पर हुई भर्ती में एक ही अफसर ने 16 अभ्यर्थियों को अनुभव प्रमाण पत्र जारी किए। जबकि पूरी भर्ती में 21 अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए।
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जांच में पाया गया है कि रेंज अफसर ने रोकड़ बही (कर्मचारी के लेन देन का लेखा जोखा रजिस्टर) के मूल पृष्ठों को खुले पृष्ठों से चिपकाया है। रोकड़ बही में फ्लूड लगाकर कई जगह ओवर राइटिंग की हुई है। मामले सामने आने के बाद मुख्य वन संरक्षक ने टाइगर पार्क निदेशक सनातन सोनकर को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दे दिया।
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बाकायदा डाक से हरिद्वार वार्डन कोमल सिंह को पूरी कागजात तैयार कर दे दिए गए। ताकि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो सके। मामला पूरा हरिद्वार का है, हरिद्वार के रेंजर रहे बृज बिहारी और तेजपाल सिंह पंवार का नाम पूरे प्रकरण में सामने सामने आया है। आरोप है कि दोनों रेंजरों ने अपने चहेतों को अनुभव प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। पार्क के डिप्टी डायरेक्टर और हरिद्वार के पूर्व डीएफओ रहे किशन चंद का नाम भी पूरे प्रकरण में सामने आ रहा है। डिप्टी डायरेक्टर द्वारा भर्ती के मूल अभिलेख कई बार मांगने पर भी नहीं दिए जा रहे है।


जिस वजह से विभाग की नजर में किशन चंद भी भर्ती घोटाले में शामिल हो सकते हैं। निदेशक ने हरिद्वार वार्डन कोमल सिंह को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दे दिए है, लेकिन कोमल सिंह ने अभी तक पुलिस में तहरीर नहीं दी है। पूरे मामले में कार्रवाई न होने पर अधिकारियों के बीच चल रही आपसी तू-तू मैं-मैं सामने आ चुकी है। विभाग के सूत्रों की मानें तो  एक बड़े अधिकारी के दबाव में पुलिस में शिकायत नहीं कराई जा रही है।  पार्क निदेशक सनातन सोनकर का कहना है कि फर्जी तरीके से भर्ती मामले में हरिद्वार वार्डन को मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दे दिए गए हैं। यदि उन्होंने अभी तक पुलिस में शिकायत नहीं दी है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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