उत्तराखंड: निजी वन और बगीचों में अवैध कटान पर होगी जेल, 21 प्रजातियों पर ही रहेगा प्रतिबंध
केवल 21 प्रजातियों को छोड़कर बाकी सभी प्रजातियों के पेड़ काटे जा सकेंगे। चीड़ प्रजाति के पेड़ों को काटने पर भी रोक नहीं होगी। उनियाल ने अपने सभी विभागों की उपलब्धियों और भावी योजनाओं को साझा किया।
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प्रदेश में निजी वन और बगीचों में बिना अनुमति पेड़ काटने व अवैध कटान पर जुर्माने के साथ जेल की सजा भी होगी। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा, गैरसैंण में मंत्रिमंडल की बैठक में जेल का प्रावधान समाप्त करने का फैसला लिया गया था, लेकिन इस निर्णय के बाद उन्हें ये सूचनाएं मिल रही थीं कि प्रदेश में कई इलाकों में बगीचों के सफाये और बेचने का खेल शुरू हो गया है।
इसे देखते हुए उन्होंने उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम 1976 में कारावास का प्रावधान बनाए रखने का फैसला किया है। इसका प्रस्ताव जल्द कैबिनेट बैठक में लाया जाएगा। उनियाल भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। कहा, अधिनियम के तहत प्रदेश में पेड़ों की 27 प्रजातियां ही प्रतिबंध से मुक्त थी।
बाकी प्रजाति के पेड़ काटने पर जुर्माने व सजा का प्रावधान है, लेकिन अब अधिनियम को व्यावहारिक बना रहे हैं। इससे जनता को राहत मिलेगी। केवल 21 प्रजातियों को छोड़कर बाकी सभी प्रजातियों के पेड़ काटे जा सकेंगे। चीड़ प्रजाति के पेड़ों को काटने पर भी रोक नहीं होगी। उनियाल ने अपने सभी विभागों की उपलब्धियों और भावी योजनाओं को साझा किया।
उन्होंने दावा किया कि विभाग में भ्रष्टाचार पर रोक लगी। तबादला उद्योग बंद हुआ। उन्होंने तकनीकी शिक्षा, भाषा और चुनाव विभाग में भी लिए गए निर्णयों की भी जानकारी दी।
अवैध कटान में राजस्व विभाग की मिलीभगत
बाड़वाला में निजी वन में अवैध कटान से जुड़े प्रश्न पर वन मंत्री ने कहा, मामले में न्यायालय ने संज्ञान लिया है। इसकी जांच चल रही है। उनकी जानकारी के मुताबिक, निजी वन में 2015-2021 के बीच अनुमति से अधिक पेड़ काट दिए गए। राजस्व विभाग की मिलीभगत से जमीन का लैंड यूज बदल दिया गया। डीएम को मामले में उचित कार्रवाई के लिए कहा गया है कि आखिर राजस्व विभाग ने वहां लैंड यूज कैसे बदल दिया।
दो लाख लोगों को मिलेगा रोजगार
वन मंत्री ने कहा, विभाग वनों और वन पंचायतों में ईको डेवलपमेंट कमेटियां बना रहे हैं। इन कमेटियों में स्थानीय लोग सदस्य के तौर पर काम करेंगे। ईको टूरिज्म के क्षेत्र से होने वाली आय का बड़ा हिस्सा उन्हें मिलेगा। इससे दो लाख लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य है। उनियाल ने कहा कि चौरासी कुटिया का भी कायाकल्प होगा।
वनों से लोगों की आजीविका बढ़ाएंगे
कहा, राज्य की 11,230 वन पंचायतों के लोगों की आजीविका बढ़ाने के लिए 400 करोड़ से हर्बल मिशन शुरू करेगा। स्थानीय लोगों को हर्बल खेती की ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रदेश में हर्बल उत्पादों की तकनीकी जांच के लिए एक करोड़ की लागत से पहली प्रयोगशाला बनेगी।
नर्सरी नीति से बदलेगी तस्वीर
कहा, सरकार नई नर्सरी नीति पर काम कर रही है। नर्सरी और पौधरोपण की प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जा रहा है। वन पंचायतों में फलदार पेड़ लगाने की अनुमति दी गई है। हरेला में 50 फीसदी फलदार पेड़ लगाए जाएंगे।
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वनाग्नि में सबसे बेहतर करने वाली समिति को पुरस्कार देंगे
वन मंत्री ने दावा किया कि वन प्रबंधन समितियां के गठन बाद वनाग्नि की घटनाओं में कमी आई। पिछले वर्ष 50 प्रतिशत तक कम किया और इस वर्ष 20 प्रतिशत तक सीमित किया। वनाग्नि रोकने में सबसे बेहतर कार्य करने वालों को पुरस्कार दिया जाएगा। कहा, सरकार वन्यजीव संघर्ष में मृत्यु और घायल के मुआवजे को बढ़ाया और इसमें अन्य वन्यजीवों के हमलों से हुए नुकसान को भी शामिल किया।