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Dehradun News: वन महकमे के भूमि सर्वे में बढ़े कदम, राजस्व परिषद एसओपी में अटका

Sun, 16 Nov 2025 07:51 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 16 Nov 2025 07:51 PM IST
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Forest department's land survey progresses, stuck in Revenue Council SOP
- 2019 से राज्य की संपूर्ण भूमि के सर्वे के काम करने
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की योजना पर चल रही कोशिश

अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राज्य में राजस्व, वन समेत सभी भूमि के सर्वेक्षण योजना है। इसमें वन महकमे के कदम बढ़े हैं, विभाग ने सर्वे के लिए एजेंसी के चयन समेत अन्य प्रक्रियाओं को पूरा कर लिया है। वहीं, इस काम के लिए नोडल विभाग राजस्व परिषद पिछड़ा हुआ है। काम शुरू करने से पहले एसओपी बनने का इंतजार है।
वर्ष-2019 में मुख्यमंत्री घोषणा में राजस्व अभिलेखों में दर्ज भूमि के अलावा अतिरिक्त प्रदेश की सभी भूमि का आधुनिक विधि से सर्वेक्षण- पुन: सर्वेक्षण करवाने के लिए राजस्व परिषद को नोडल विभाग नियुक्ति किया गया था। इसके बाद राजस्व परिषद ने सभी भूमि का आधुनिक विधि से सर्वेक्षण- पुन: सर्वेक्षण के लिए 150 करोड़ की कार्ययोजना भी बनाई। इसके बाद राजस्व विभाग ने सर्वे में संबंधित रेखीय विभागों को शामिल किया गया।
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पहले वन और राजस्व विभाग के संयुक्त सर्वे की योजना पर विचार किया गया। बाद में तकनीकी कारणों के मद्देनजर तय हुआ कि दोनों विभाग अलग- अलग सर्वे करेंगे। जहां पर दोनों विभाग की सीमा होगी, 500 मीटर क्षेत्र में संयुक्त सर्वे किया जाएगा। यहां पर किसी तरह के विवाद की स्थिति में एक कमेटी भी बनाने का फैसला किया गया।
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वन विभाग ने कार्यदायी संस्था का चयन किया
देहरादून। राज्य का सत्तर प्रतिशत से अधिक वन भूमि है। आरक्षित वन क्षेत्र में वन महकमे के सीमांकन खंभे लगे हुए हैं। इसका नोटिफिकेशन भी है, पर कई जगह सीमांकन पीलर गायब हैं। ऐसे में सर्वे के माध्यम से भूमि को लेकर अधिक स्पष्टता होने के साथ डिजिटल रिकार्ड भी तैयार हो सकेगा। इस काम के लिए वन विभाग ने एक कार्यदायी संस्था का चयन किया है, इस कार्यदायी संस्था ने संबंधित कार्य के लिए डीपीआर बनाने का काम भी शुरू किया है। इस सर्वे में ड्रोन सर्वे, ग्राउंड ट्रूथिंग से लेकर पुराने अभिलेखों का मिलान का काम होगा। दूसरी तरफ राजस्व परिषद काम जल्द शुरू होने के आसार ही कम लग रहे हैं। अभी काम शुरू करने के लिए एक एसओपी बननी है। एसओपी बनने के बाद ही आगे की प्रक्रिया को शुरू किया जा सकेगा। इस संंबंध में मुख्य वन संरक्षक राहुल कहते हैं कि वन विभाग का सीमांकन पहले से है, जो सर्वे किया जा रहा है उसमें और अधिक स्पष्टता होगी। इस काम के लिए कार्यदायी संस्था का चयन किया जा चुका है।

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सीएस की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई निर्णय लिए गए थे

देहरादून। भूमि के सर्वे के लिए तत्कालीन मुख्य सचिव डॉ एसएस संधु की अध्यक्षता में अगस्त-2023
बैठक हुई थी। इसमें कई राजस्व, सिंचाई, शहरी विकास, भारतीय सर्वेक्षण समेत कई विभागों के अफसर शामिल हुए थे। इसमें योजना के सभी पहलू पर विचार विमर्श किया गया। इसमें वन विभाग के अलावा सभी रेखीय विभागों को अपनी भूमि संपत्ति की सूची देने और विभागाध्यक्ष स्तर पर एक नोडल अधिकारी व स्किल्ड कार्मिकों की एक टीम का चयन करते हुए विवरण देने समेत 11 बिंदुओं पर निर्णय लिए गए थे।
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