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ऋषिकेश के योग आश्रम में वन विभाग ने की छापेमारी, मिले दुर्लभ प्रजाति के वन्यजीव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
Updated Sat, 06 Oct 2018 09:19 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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वन विभाग ने तपोवन स्थित क्रिया योग आश्रम में छापेमारी की कार्रवाई की। इस दौरान आश्रम से दुर्लभ प्रजाति के पांच कछुए और दो बीजू मिले। वन विभाग ने आश्रम संचालक के खिलाफ वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्टके तहत मामला दर्ज किया है और वन्यजीवों को देहरादून के रेस्क्यू सेंटर भेजा है।
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स्थानीय लोगों ने नरेंद्रनगर वन प्रभाग के एसडीओ डीपी बलूनी को तपोवन स्थित क्रिया योग आश्रम में दुर्लभ प्रजाति के वन्यजीवों की मौजूदगी की सूचना दी थी।
इसी क्रम में एसडीओ डीपी बलूनी बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे वनकर्मियों और मुनिकीरेती पुलिस के साथ आश्रम में पहुंचे। तलाशी के दौरान आश्रम से पिंचरे में रखे गए हिमालयन पाम सिवेट प्रजाति के दो बीजू और इस्टर्न हिमालयन टेराफिन प्रजाति के पांच कछुए मिले। एसडीओ ने दुर्र्लभ प्रजाति के वन्यजीवों को कब्जे में लेकर उन्हें देहरादून स्थित मालसी डियर पार्क के रेस्क्यू सेंटर में भेजा है।
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कार्रवाई के दौरान हुई बहस
शिवपुरी रेंज अधिकारी स्पर्श काला के मुताबिक आश्रम संचालक के खिलाफ वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट सेक्शन 39 (3) के तहत मामला दर्ज किया गया है। बरामद वन्यजीवों का परीक्षण वाइल्ड इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से कराया जाएगा। यदि आश्रम प्रबंधन दोषी पाया जाता है तो तीन से सात साल की सजा का प्रावधान है।
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उधर, आश्रम के संचालक सर्वगुणानंद गिरि का कहना है कि आश्रम की दीवार टूटने के कारण अक्सर जंगली जीव यहां आ जाते हैं। उन्हें हम दूध पिलाते थे। लिहाजा यहां बीजू और कछुए अक्सर आने लगे। हमारी नीयत में खोट नहीं है। जानवरों को कोई क्षति न पहुंचे इसलिए हमने उन्हें आश्रम में सुरक्षित रख दिया था।
आश्रम में जांच के दौरान वन विभाग और आश्रम संचालक के बीच काफी देर तक बहस भी हुई। वन विभाग ने सवाल उठाया कि यदि वन्यजीव आश्रम आ गए थे तो उन्हें सूचना देनी चाहिए थी। इसके बावजूद आश्रम प्रबंधन पिछले कई महीने से अवैध गतिविधि संचालित करता रहा। इस पर सर्वगुणानंद ने दलील दी कि विभाग तो बंदरों की भी हिफाजत नहीं कर पा रहा है।