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बाघों की खालें मिलने से विभाग की नींद उड़ी
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 16 Mar 2016 12:02 AM IST
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बाघ की खाल।
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बाघों की खाल मिलने से वन विभाग की नींद उड़ गई है। यह माना जा रहा है कि आरक्षित वन क्षेत्र बावरिया गिरोह की गिरफ्त में हैं और वन्य जीवों का शिकार किया जा रहा है। इस पर वन मंत्री दिनेश अग्रवाल ने विधानसभा कक्ष में अधिकारियों की बैठक बुलाई।
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अपर मुख्य सचिव एस. रामा स्वामी, प्रमुख वन संरक्षक उत्तराखंड राजेंद्र कुमार महाजन समेत अन्य आला अधिकारियों से कार्बेट में जाकर मानीटरिंग के लिए कहा गया है।
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वन मंत्री दिनेश अग्रवाल ने बताया कि सोना नदी का क्षेत्र वन गूजरों को हटाए जाने की वजह से खाली हो गया है। यहां वन जीव तस्कर अपना ठिकाना बना सकते हैं।
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सतर्क रहने के दिए वन मंत्री ने आदेश:
इसके लिए विस्थापित गूजरों के 50 युवाओं और सेवा निवृत्त कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। ये वन क्षेत्रों में जाकर गश्त करेंगे और व्यवस्था को मजबूत बनाएंगे।
वन मंत्री बैठक में बताया कि सिर्फ कार्बेट और राजाजी नेशनल पार्क में ही नहीं दूसरे लैंड स्कैप में भी सतर्कता बरती जा रही है। अधिकारियों को आदेश कर दिए गए हैं कि अपने वन क्षेत्र में जाकर बराबर गश्त करते रहें।
अधिकारी अपने तैनाती वाले क्षेत्र में रुकें। गौरतलब है कि नेशनल वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो ने पहले ही अलर्ट जारी कर दिया था। इस संबंध में 24 फरवरी को अल्मोड़ा में ब्यूरो की बैठक हुई थी।
वन्य जीवों का शिकार और तस्करी रोकने के लिए संयुक्त टीम बनाने का निर्णय लिया गया था। इसमें आईटीबीपी, प्रवर्तन निदेशालय आदि एजेंसियों और विभागों को शामिल किया गया है।