IIT में खिलाया 'जहरीला' खाना, अफसरों पर गिरी गाज
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आईआईटी रुड़की में फूड पॉइजनिंग के मामले में अदालत का फैसला आने के बाद तीन अधिकारियों पर गाज गिर गई। मामले में सोमवार को एडीएम कोर्ट ने तीन अधिकारियों को दोषी पाते हुए उन पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना किया है।
साथ ही आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए हैं। जुर्माने की राशि तीस दिन में जमा करना होगा। मालूम हो कि इससे पहले आईआईटी रुड़की के निगम गेस्ट हाउस के मेस मैनेजर पर तीन लाख रुपये का जुर्माना किया गया था।
आईआईटी रुड़की के राजेंद्र भवन में दूषित एवं मिलावटी खाना खाने से 10 सितंबर 2013 को 300 छात्रों के बीमार पड़ने का मामला सामने आया था। मामले में खाद्य सुरक्षा विभाग के तहसील रुड़की प्रभारी दिलीप जैन ने भवन की मेस का निरीक्षण किया था और लाल मिर्च पाउडर का सैंपल भरा था। मेस के स्टोर में भारी गंदगी और चूहे भी मिले थे।
छात्रों के स्वास्थ्य से खिलवाड़
जगह-जगह खाद्य पदार्थों में फंगस पाया गया था। इस पर आईआईटी डायरेक्टर को नोटिस देकर जवाब मांगा गया था। दिलीप जैन ने बताया कि डायरेक्टर की ओर से मिले जवाब से वह संतुष्ट नहीं हुए। साथ ही मिर्च पाउडर का भी सैंपल रुद्रपुर लैब में फेल हो गया। इसके बाद रिपोर्ट को पुणे लैब में भेजा गया, वहां भी रिपोर्ट फेल हुआ।
जिसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने एडीएम कोर्ट में तीन लोगों को पार्टी बनाते हुए वाद दायर किया, जिसमें भवन चेयरमैन, परचेजिंग चेयरमैन और मेस वर्किंग कमेटी को शामिल किया गया।
एडीएम रवनीत चीमा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नियमों का उल्लंघन और लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ में तीनों को दोषी मानते हुए एक-एक लाख, कुल तीन लाख रुपए का जुर्माना किया। इसके अलावा सभी अनियमितता एवं कमियों को पूरा करने का निर्देश दिया है। जुर्माने की राशि तीस दिन में जमा करने के निर्देश दिए हैं।