उत्तराखंड: दिनदहाड़े प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या, पिटाई के बाद किए राउंड फायर
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उत्तराखंड के हल्द्वानी में रविवार को दिनदहाड़े एक प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। गोली चलते ही पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। काठगोदाम में निर्मला कान्वेंट स्कूल के पीछे कालटैक्स रोड निवासी भूपेंद्र चंद्र पांडे उर्फ भुप्पी (50) पुत्र स्वर्गीय मोहन चंद्र पांडे रविवार सुबह 10:30 बजे घर से निकले और अपने साथी दुकानदार रोहित उर्फ दिनेश सागर को लेकर भोटिया पड़ाव चौकी पहुंचे।
दोनों ने चौकी प्रभारी से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि धोखाधड़ी और एससी-एसटी के आरोपी गौरव और सौरभ के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। आरोप लगाया कि कोतवाल विक्रम सिंह राठौर के छूट देने पर आरोपी स्थगनादेश लेने में सफल रहे। इसके बाद दोनों स्कूटी से स्टैंडर्ड स्वीट हाउस के सामने जा रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सिंधी चौराहे के सामने सौरभ और गौरव गुप्ता ने भुप्पी की स्कूटी को रोक लिया। दोनों भाइयों ने पहले रोहित को पीटना शुरू किया। विरोध करने पर उन्होंने भुप्पी पर थप्पड़ बरसाए। इस बीच, एक भाई ने असलहा निकाला और भुप्पी पांडे पर गोली दाग दी।
वारदात के बाद पूरे क्षेत्र में भगदड़ मच गई। इसके बाद वहां लोग सड़कों पर उतर आए और जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। बताया जा रहा है कि शिव सेना से जुड़े दो भाइयों पर हत्या का आरोप लगा है। दोनों पक्षों में लेनदेन का विवाद था। वहीं, दोनों भाइयों के खिलाफ भूप्पी ने मुकदमा भी दर्ज कराया था।
एसएसपी बोले-निलंबन का अधिकार उन्हें नहीं
धरने पर बैठे लोगों से एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने बातचीत की और भरोसा दिलाया कि आरोपी बख्शे नहीं जाएंगे। इस पर भाजपा नेता संदीप कुकसाल और रोहित ने कोतवाल के निलंबन की मांग की तो एसएसपी ने कहा कि निलंबन उनके अधिकार में नहीं है।
भुप्पी का पांच लाख रुपये बकाया था
जमीन के मामले में गौरव और सौरभ ने भूपेंद्र पांडे से पैसा लिया था लेकिन पांच लाख रुपये वापस नहीं दिए। इस मामले में भुप्पी ने दोनों भाइयों पर कोर्ट में एनआई एक्ट (चेक बाउंस होने का मामला) का मुकदमा दर्ज कराया था।
30 जुलाई को मिली थी धमकी
भूपेंद्र पांडे को कुछ शूटर मारने के लिए घर तक आए थे लेकिन भूपेंद्र घर पर नहीं मिला। इस मामले में उन्होंने सौरभ और गौरव के खिलाफ काठगोदाम थाने में तहरीर भी दी थी। इस मामले में एक अन्य नाम भी प्रकाश में आया था। पुलिस ने धमकी की रिकार्डिंग सुनने के बाद एक आरोपी को जौनपुर (यूपी) से गिरफ्तार किया था।