हिमालय के बुग्यालों में शिकारियों ने लगाई आग
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हर बार की तरह इस बार भी अवैध शिकार के लिए शिकारियों ने उच्च हिमालयी क्षेत्र की बुग्यालों में आग लगाना शुरू कर दिया है। छिपलाकेदार की तलहटी में मंगलवार रात से आग लगी हुई है।
वन विभाग के अधिकारियों ने टीम को मौके पर भेजने की बात कही है, हालांकि यह इलाका इतनी दूर है कि वनकर्मियों को पहुंचने में दो दिन का समय लग जाएगा।
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अब हिमपात का समय आ रहा है। ऐसे में इन इलाकों में रहने वाले वन्यजीव निचली घाटियों की ओर उतरने लगते हैं। शिकारी इसी मौके की तलाश में रहते हैं।
वह उन स्थानों पर आग लगाते हैं, जहां से जानवरों के नीचे उतरने का रास्ता होता है। आग और धुएं से घबराहट में जानवर भटक जाते हैं और शिकारी उनको अपना निशाना बना लेते हैं।
पूरे इलाके में फैला धुआं
यह सिलसिला लंबे अर्से से चला आ रहा है लेकिन अब तक कोई भी शिकारी वन विभाग के हत्थे नहीं चढ़ा है। इस बार भी छिपलाकेदार की तलहटी में आग लगा दी गई है।
बुधवार सुबह 11 बजे तक धुआं था। इधर, वन रेंजर केआर टम्टा ने बताया कि इस सीजन में छिपलाकेदार की तलहटी में बसे कनार, भटभटा, मेतली समेत अन्य गांवों के लोग घास के लिए जंगलों में आग लगा देते हैं।
हो सकता है कि यही आग ऊपर तक पहुंच गई होगी। लेकिन एहतियातन टीम को मौके पर भेजा जा रहा है और यदि शिकारियों की सक्रियता के प्रमाण मिले तो उनकी घेराबंदी की जाएगी।
छिपलाकेदार की पहाड़ी से सितंबर के अंत तक यारसागंबू की निकासी होती रही थी। उस दौरान भी जंगली जानवरों के अवैध शिकार की सूचनाएं मिली थी।