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नैनीताल: 21 टन एलपीजी गैस से भरे टैंकर के केबिन में लगी आग, ग्रामीणों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

Mon, 25 Mar 2019 10:13 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हल्दूचौड़ (नैनीताल)
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हल्दूचौड़ (नैनीताल) Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 25 Mar 2019 10:13 PM IST
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Fire Broke Out in LPG gas tanker cabin in nainital 
आग - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तराखंड के नैनीताल में मोटाहल्दू स्थित इंडियन गैस बॉटलिंग प्लांट के बाहर हाईवे किनारे खड़े 21 टन गैस से भरे कैप्सूल टैंकर में रविवार रात साढ़े तीन बजे आग लगने हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सूझबूझ से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया जिससे बड़ा हादसा टल गया। आग लगने से कैप्सूल का केबिन जलकर नष्ट हो गया। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है।

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प्लांट के समाने बिंध्यवासिनी पेट्रोल पंप के बाहर कुकिंग गैस से भरा टैंकर (कैप्सूल) यूपी 17 एटी-3978 खड़ा था। चालक केबिन में सोया हुआ था। अचानक तेज गंध आने पर नींद टूटी तो आग लगी देख हक्का बक्का रह गया। उसने इसकी सूचना इंडेन गैस बाटलिंग प्लांट के गेट पर दी गई। 
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तीन बजकर पचास मिनट पर प्लांट से अचानक खतरे का सायरन बजने लगा। सायरन सुनकर सुरक्षा कर्मियों के साथ आस पास के ग्रामीण पहुंच गए। तब तक केबिन ने लपटें पकड़ ली थी। चौकी प्रभारी बिमल मिश्रा और फायर ब्रिगेड कर्मचारी भी पहुंच गए। आधे घंटे के प्रयास के बाद आग पर काबू पा लिया गया।  

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तबाह हो जाता पूरा इलाका

प्लांट से गैस सिलेंडर से भरे एक दर्जन ट्रक पेट्रोल पंप और हाईवे पर खड़े थे। प्लांट के अंदर तीन बुलेट गैस टैंक स्थापित हैं। वे गैस से भरे हुए थे। एक टैंक में लगभग 60 से 70 टन के करीब गैस आती है। यानी तीनों टैंकरों में लगभग 190 टन गैस थी। स्टोर के अलावा हजारों की गैस के सिलेंडर भरे रहते हैं। 

लोगों का कहना है कि हादसा चालक की लापरवाही से हुआ है। प्लांट के पास सुरेंद्र सती, कैप्टन राजेंद्र सती, भाष्कर भट्ट के अलावा कई लोगों के मकान हैं।  ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार की कई घटनाएं हो चुकी हैं मगर प्रबंधन तंत्र ने संज्ञान नहीं लेता। यह भी आरोप लगाया कि गैस भरे टैंकर चालक रात में नशे में रहते हैं। अपने टैंकरों को हाईवे पर ही पार्क कर देते हैं। केबिन में मच्छरों से बचने के लिए कॉईल जलाकर सो जाते हैं। 

वाहनों को खड़ा करने के लिए प्लांट के अंदर पार्किंग है लेकिन चालक अपनी मर्जी और अपनी सुविधा के अनुसार वाहनों को हाईवे किनारे ही पार्क करते हैं। मामले की जांच की जा रही है जो भी दोषी होगा उसके खिलार्फ कार्रवाई की जाएगी। 
-अनुराग सिंहा, वरिष्ठ प्लांट प्रबंधक इंडेन गैस बाटलिंग प्लांट

वरिष्ठ प्रबंधक को कोतवाली बुलाकर हिदायत दी गई है कि राष्ट्रीय राज मार्ग पर वाहनों को पार्क किए जाने के बाद यदि ऐसी घटना फिर होती है तो इसकी जिम्मेदारी प्रबंध तंत्र की होगी। 
-योगेश चंद्र उपाध्याय कोतवाल लालकुआं

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