उत्तराखंड में रिकॉर्ड हुए ध्वस्त, पढ़ें फाइनल डाटा
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मतदान की बृहस्पतिवार को जो तस्वीर उभर कर सामने आई उससे साफ है कि प्रदेश में हरिद्वार में लोगों ने खासा उत्साह दिखाया। प्रदेश की सर्वाधिक मतदान वाली टॉप टेन विधानसभाओं में आठ हरिद्वार की ही हैं। ऊधमसिंहनगर की दो विधानसाएं भी इस सूची में शामिल हैं। इन सभी में 70 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ है।
मतदान का ही उत्साह रहा है कि संसदीय क्षेत्रों में 1977 के बाद का रिकार्ड हर संसदीय क्षेत्र में टूटा है। प्रदेश की पांचों संसदीय क्षेत्रों का परिसीमन के बाद स्वरूप बदल गया था। नए परिसीमन पर 2009 में संसदीय चुनाव हुए थे।
2004 से भी तुलना करें तो हर संसदीय सीट पर पहले के मुकाबले अधिक मतदान हुआ। दूसरी ओर परिसीमन को किनारे रखा जाए तो पांचों संसदीय सीटों पर 1977 के बाद का रिकार्ड मतदान हुआ है। प्रदेश में इस समय कुल मतदान 62.75 निकल कर सामने आ रहा है।
मैदान ने मार लिया मैदान
मतदान का फाइनल प्रतिशत यह भी बता रहा है कि प्रदेश में मतदान के मामले में पहाड़ की तुलना में मैदानी क्षेत्रों में मतदान के लिए लोगों ने अधिक उत्साह दिखाया। फिर भी पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों ने मतदान में कोई कोर कसर न छोड़ने की कोशिश की।
उत्तरकाशी जिला सर्वाधिक मतदान के लिए जाना जाता रहा है। इस बार भी उत्तरकाशी से मतदान अधिक ही रहा पर अन्य जिलों को देखते हुए उत्तरकाशी प्रतिस्पर्धा में खुद को आगे नहीं रख पाया। विधानसभा चुनाव में 70 प्रतिशत मतदान करने वाला उत्तरकाशी जिला 60 प्रतिशत से कम ही रहा।
जिलों के हिसाब से ही देंखें तो हरिद्वार, नैनीताल और उधमसिंहनगर में मतदाताओं ने दिल खोल कर मतदान किया। टिहरी जिले में मतदान सबसे कम रहा और टिहरी में यह आंकड़ा 50 प्रतिशत तक भी नहीं पहुंच पाया।
पढ़िए, अलग-अलग क्षेत्रों का पूरा डाटा
सर्वाधिक मतदान वाली विधानसभाएं
लक्सर-80.08
ज्वालापुर-80.01
भगवानपुर-79.52
झबरेड़ा-78.95
हरिद्वार ग्रामीण-78.92
पिरानकलियर-77.51
रुड़की-76.53
बाजपुर-73.32
जसपुर-72.6
मंगलौर-72.29
जिला वार मतदान का प्रतिशत
उत्तरकाशी-56.02
चमोली-53.91
केदारनाथ-56.65
टिहरी-47.63
देहरादून-62.67
हरिद्वार-74.39
पौड़ी-53.19
पिथौरागढ़-52.63
बागेश्वर-57.64
अल्मोड़ा-51.01
चपावत-51.81
नैनीताल-63.46
उधमसिंहनगर-72.11
कुल मतदान-62.75
2014 और 2009में संसदीय क्षेत्रों में मतदान
क्षेत्र-------- 2014 में --- 2009 में
टिहरी------- 57.60---- 50.70
गढ़वाल----- 54.68---- 49.86
अल्मोड़ा---- 52.63---- 46.58
नैनीताल---- 68.88---- 59.02
हरिद्वार------ 71.51---- 61.11
1977 से 2004 के बीच कहां सर्वाधिक मतदान
हरिद्वार -1977 में भारतीय लोक दल के भगवान दस के चुनाव में मतदान प्रतिशत 65.56 रहा।
अल्मोड़ा -2004 के चुनाव में अधिकतम प्रतिशत 49.46 प्रतिशत रहा
टिहरी -1989 के चुनाव में अधिकतम मत प्रतिशत 50.83 रहा था।
नैनीताल -1984 केचुनाव में अधिकतम मत प्रतिशत रहा था 64.04।
इस तरह गिने जाते हैं वोट
मतप्रतिशत के आंकड़ों में सुधार होने का दौर भी जारी है। ऐसा निर्वाचन की लंबी और कई स्तर पर परीक्षण की प्रक्रिया के कारण भी है।
एक-दो प्रतिशत के फेर को खुद मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय स्वीकार करता है। कारण यह भी है कि प्रदेश में कई स्थानों से पालिंग पार्टियों को पहुंचने में ती-तीन दिन समय लग जाता है।
ऐसे में कुल मतों की गिनती में ये मत देर से जुड़ते हैं। निर्वाचन कार्यालय में मतदान के दिन मत प्रतिशत जिला निर्वाचन अधिकारियों की ओर भेजी गई सूचना के आधार पर होता है।