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धरती के भगवानों को ही सता रहा कोरोना संक्रमित होने का डर
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कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर का भय मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टरों, पैरामेडिकल और स्टाफ नर्स को डर सता रहा है। नतीजतन कोरोना संक्रमण के भय से खौफजदा दून अस्पताल के 10 से अधिक डॉक्टरों ने नौकरी छोड़ दी है। हालांकि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से नये सिरे से डॉक्टरों, पैरा मेडिकल और स्टाफ पर्स की भर्ती की कवायद तेज कर दी है।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसी बीच मरीजों का इलाज कर रहे कई डॉक्टरों ने नौकरियां दी हैं। हर हफ्ते औसतन दो डॉक्टर नौकरी छोड़ रहे हैं। इसके अलावा कई डॉक्टरों ने नौकरी छोड़ने को लेकर आवेदन किया है। कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो, इसे लेकर नये डॉक्टरों के साथ ही पैरामेडिकल, स्टाफ नर्स की भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। नई नियुक्तियों को लेकर निर्वाचन आयोग को पत्र भेजकर अनुमति मांगी गई है। निर्वाचन आयोग से अनुमति मिलने के साथ में नए सिरे से डॉक्टरों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। बता दें, कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में भी बड़ी संख्या में डॉक्टरों ने नौकरियां छोड़ दी थीं। इसके बाद जिन डॉक्टरों की भर्तियां की गईं, उनमें से कई ने ड्यूटी ज्वाइन ही नहीं की थी।
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राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसी बीच मरीजों का इलाज कर रहे कई डॉक्टरों ने नौकरियां दी हैं। हर हफ्ते औसतन दो डॉक्टर नौकरी छोड़ रहे हैं। इसके अलावा कई डॉक्टरों ने नौकरी छोड़ने को लेकर आवेदन किया है। कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो, इसे लेकर नये डॉक्टरों के साथ ही पैरामेडिकल, स्टाफ नर्स की भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। नई नियुक्तियों को लेकर निर्वाचन आयोग को पत्र भेजकर अनुमति मांगी गई है। निर्वाचन आयोग से अनुमति मिलने के साथ में नए सिरे से डॉक्टरों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। बता दें, कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में भी बड़ी संख्या में डॉक्टरों ने नौकरियां छोड़ दी थीं। इसके बाद जिन डॉक्टरों की भर्तियां की गईं, उनमें से कई ने ड्यूटी ज्वाइन ही नहीं की थी।
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