{"_id":"64c2ccba493261d9a30a9075","slug":"father-in-law-and-brother-in-law-accused-of-grabbing-property-by-making-fake-documents-dehradun-news-c-5-drn1037-210096-2023-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: फर्जी दस्तावेज बनाकर ससुर व साले पर संपत्ति हड़पने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: फर्जी दस्तावेज बनाकर ससुर व साले पर संपत्ति हड़पने का आरोप
विज्ञापन
कनाडा में रह रहे एक पूर्व सैन्य अधिकारी ने अपने ससुर व साले पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर संपत्ति कब्जाने का आरोप लगाया है। शिकायत के बाद नेहरू कॉलोनी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थानाध्यक्ष लोकेंद्र बहुगुणा ने बताया कि पूर्व सैन्य अधिकारी दलजीत सिंह ने थाने में तहरीर देते हुए बताया वह वर्ष 2000 में कनाडा शिफ्ट हो गए थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में जब वह भारत आए थे तब उनके ससुर भूपेन्द्र सिंह ने उन्हें डिफेंस कॉलोनी में मकान दिलाने की बात कही। इसके बाद ससुर उन्हें सब रजिस्ट्रार ऑफिस ले गए और पावर ऑफ अटॉर्नी रजिस्टर्ड करा दी। इसके बाद वर्ष 2019 में भूपेन्द्र सिंह ने उपरोक्त मकान को ध्वस्त कर नया मकान बनाने के लिए उनके नाम और सहमति से एमडीडीए से नक्शा पास करा लिया।
इसके बाद साले विनय वालिया ई-मेल कर वह संपत्ति उसे उपहार में देने को कहा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। विनय वालिया ने दबाव बनाया तो उन्होंने संपत्ति अपने भाई हरमेंदर वालिया के नाम गिफ्ट डीड पंजीकृत करा दी। भाई ने जब ससुर से उन्हें संपत्ति सौंपने को कहा तो पता चला कि भूपेंद्र सिंह ने पावर ऑफ अटॉर्नी का दुरुपयोग करते हुए संपत्ति अपने बेटे विनय वालिया के नाम कर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर पुलिस ने ससुर भूपेंद्र सिंह और साले विनय वालिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
थानाध्यक्ष लोकेंद्र बहुगुणा ने बताया कि पूर्व सैन्य अधिकारी दलजीत सिंह ने थाने में तहरीर देते हुए बताया वह वर्ष 2000 में कनाडा शिफ्ट हो गए थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में जब वह भारत आए थे तब उनके ससुर भूपेन्द्र सिंह ने उन्हें डिफेंस कॉलोनी में मकान दिलाने की बात कही। इसके बाद ससुर उन्हें सब रजिस्ट्रार ऑफिस ले गए और पावर ऑफ अटॉर्नी रजिस्टर्ड करा दी। इसके बाद वर्ष 2019 में भूपेन्द्र सिंह ने उपरोक्त मकान को ध्वस्त कर नया मकान बनाने के लिए उनके नाम और सहमति से एमडीडीए से नक्शा पास करा लिया।
विज्ञापन
इसके बाद साले विनय वालिया ई-मेल कर वह संपत्ति उसे उपहार में देने को कहा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। विनय वालिया ने दबाव बनाया तो उन्होंने संपत्ति अपने भाई हरमेंदर वालिया के नाम गिफ्ट डीड पंजीकृत करा दी। भाई ने जब ससुर से उन्हें संपत्ति सौंपने को कहा तो पता चला कि भूपेंद्र सिंह ने पावर ऑफ अटॉर्नी का दुरुपयोग करते हुए संपत्ति अपने बेटे विनय वालिया के नाम कर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर पुलिस ने ससुर भूपेंद्र सिंह और साले विनय वालिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन