परिवार के तीन लोगों ने एक साथ खाया जहर, फिर की पंखे से लटकने की कोशिश, मां-बेटे की मौत
उत्तराखंड के अल्मोड़ा में ताकुला विकासखंड के चुराड़ी गांव में एक परिवार के तीन लोगों ने संदिग्ध हालात में जहर खा लिया। इससे मां और बेटे की मौत हो गई, जबकि बेटी की हालत गंभीर है। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना बृहस्पतिवार रात करीब नौ बजे की है। प्रथमदृष्टया मामला पारिवारिक कलह माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि जहर खाने के बाद तीनों ने पंखे से लटकने की भी कोशिश की थी। तहसीलदार संजय कुमार ने बताया कि अस्पताल में भर्ती किशोरी के मजिस्ट्रेटी बयान ले लिए गए हैं, जिसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है।
जानकारी के मुताबिक परिवार का मुखिया चंदन सिंह बिष्ट लखनऊ में प्राइवेट संस्थान में नौकरी करता है। बृहस्पतिवार देर रात चंदन सिंह लखनऊ से अल्मोड़ा पहुंचा, जहां से उसने एक कार बुक की। कार में घर का सामान (तेल आदि खाने पीने की चीजें) रखा हुआ था। चंदन सिंह रात करीब 9 से 9.30 बजे गांव में अपने घर से करीब दो सौ मीटर पहले पूर्व प्रधान से मिला।
वहीं से चंदन सिंह ने अपने घर फोन किया। घर से फोन नहीं उठने की बात कहकर चंदन सिंह ने कुछ सामान पूर्व प्रधान के पास रखवा दिया और कुछ सामान अपने साथ घर ले गया। बताया जा रहा है कि इसके बाद चंदन सिंह दोबारा बचा हुआ सामान लेने पूर्व प्रधान के पास पहुंचा और बाकी का सामान लेकर घर चला गया। घर पहुंचने पर उसने पाया कि दरवाजा अंदर से बंद है।
ताकुला से फार्मासिस्ट को भी बुलाया गया। इस दौरान मां और बेटे की मौत हो चुकी थी, जबकि बेटी आशा को तत्काल ताकुला स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां से उसे अल्मोड़ा रेफर कर दिया गया। मृतका गंगा देवी और अजय सिंह के शव को पोस्टमार्टम के लिए अल्मोड़ा लाया गया है। ग्रामीणों ने रात में ही पुलिस को भी फोन किया गया लेकिन पुलिस शुक्रवार सुबह पर पहुंची।
ताकुला चौकी प्रभारी गोविंद मेहता ने बताया कि घटना बृहस्पतिवार रात की है। परिवार के मुखिया चंदन बिष्ट के घर आने और उसके पत्नी और बच्चों के जहर खाने का समय लगभग एक ही है। बताया जा रहा है कि तीनों ने जहर खाने के बाद पंखे से लटकने की भी कोशिश की।
चौकी प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया यह मामला पारिवारिक कलह का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घायल आशा के बयान के बाद ही सही जानकारी मिल सकेगी। चौकी प्रभारी ने बताया कि चंदन सिंह फिलहाल बेटी के साथ अस्पताल में हैं। इस घटना से पूरा गांव स्तब्ध है।
अस्पताल में भर्ती बेटी से मिलने गया पिता
चंदन सिंह की 17 वर्षीय पुत्री आशा जिला अस्पताल में भर्ती है। गांव के पूर्व प्रधान के अनुसार शाम के समय चंदन सिंह अपनी बेटी से मिलने भी गया। चंदन सिंह का बेटा आठवीं पास था, जबकि बेटी ने इसी साल हाईस्कूल बोर्ड की परीक्षा दी थी और वह फेल हो गई थी।