सरहद पार से आ रही जाली करेंसी
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भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से हल्द्वानी में मुकदमा दर्ज कराने के बावजूद जिला पुलिस जाली नोटों के सौदागरों को पकड़ नहीं सकी। पता चला है कि सरहद पार का गिरोह जाली नोटों को उत्तराखंड के बाजारों में सप्लाई कर रहा है।
ग्रेटर नोएडा में जाली नोटों के साथ एक व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद केंद्रीय खुफिया एजेंसियां डीआरआई (डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस) के साथ गिरोह के अन्य सदस्यों को पकड़ने में जुट गई है।
18 सितंबर को ग्रेटर नोएडा में जान मोहम्मद के पास से 12 हजार रुपए जाली नोट बरामद होने पर केंद्रीय खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। खुफिया एजेंसियों के अनुसार नेपाल और बांग्लादेश की सीमा से पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई जाली करेंसी को देश में सप्लाई कर रही हैं।
चार सालों के दौरान देश में 2500 करोड़ रुपए भेजे गए हैं, इनमें देश-विदेश से 450 करोड़ रुपए ही जब्त किए गए हैं। काफी अर्से से नेपाल में दाऊद गिरोह के सदस्य विभिन्न कैरियर के माध्यम से अलग-अलग राज्यों में जाली करेंसी सप्लाई करते हैं। नेपाल में माजिद मनिहाल, परवेज टांडा समेत कई लोगों की हत्या के बावजूद यह काला धंधा थमा नहीं है।
उत्तराखंड के रास्ते नेपाल से आती है जाली करेंसी
नेपाल से चेकिंग बढ़ने पर गिरोह के लोग गोरखपुर का रास्ता पकड़ लेते हैं। इस रास्ते पर सख्ती होने के बाद उत्तराखंड के दुरूह रास्ते से जाली नोट दिल्ली तक पहुंचाए जाते हैं। रिजर्व बैंक ने नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और पश्चिम उत्तर प्रदेश के बैंकों द्वारा भेजे गए जाली करेंसी को पकड़कर मुकदमे दर्ज कराए हैं।
दो माह पहले हल्द्वानी में पंजाब नेशनल बैंक द्वारा भेजे गए 100 रुपए के चार और 500 रुपए के तीन नोटों को बरामद कर रिजर्व बैंक ने मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन पुलिस तफ्तीश में यह पकड़ नहीं सकी कि किन लोगों ने बैंक में जाली नोट जमा किए थे।
आशंका है कि ट्रेनों के माध्यम से बांग्लादेश के कैरियर भी उत्तराखंड की तरफ आते हैं। पिछले साल हल्द्वानी पुलिस ने ट्रेन से उतरने पर दो युवकों को जाली नोट के साथ गिरफ्तार किया था।
बोले डाआईजी
नेपाल से फुटकर में जाली नोट आते रहते हैं, लेकिन किसी बडे़ गैंग के आने की सूचना नहीं मिली है। इस मामले में चेकिंग के लिए अधीनस्थों को निर्देश जारी है।
-अनंत राम चौहान, डीआईजी कुमाऊं रेंज।