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जहर से नही बीमारी से हई हाथी की मौत
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देहरादून। देहरादून वन प्रभाग के थानो रेंज में जौलीग्रांट एयरपोर्ट के पास जंगलों में रहस्यमय परिस्थितियों में मृत मिले हाथी की मौत के रहस्य से पर्दा उठ गया है। आईवीआरआई बरेली के विशेषज्ञों की बिसरा जांच में हाथी की मौत जहर से नहीं बीमारी से होने का खुलासा हुआ है। हालांकि बड़कोट रेंज में मृत मिले हाथी की मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है।
बता दें, देहरादून वन प्रभाग के थानो रेंज में जौलीग्रांट एयरपोर्ट के पास जंगलों में रहस्यमय परिस्थितियों में हाथी मृत मिला था। हाथी की मौत के बाद तस्कर दांत निकाल ले गए थे। इस मामले में आशंका थी कि तस्करों ने जहर देकर हाथी को मार दिया है। इस पर वन विभाग व एसटीएफ की संयुक्त टीम ने चार हाथी दांत तस्करों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद हाथी का बिसरा जांच के लिए बरेली स्थित इंडियन वेटेरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईवीआरआई) भेजा गया था।
प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान का कहना है कि रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है कि हाथी की मौत जहर देने के चलते नहीं हुई। संभवत: हाथी की मौत किसी बीमारी के चलते हुई। बड़कोट क्षेत्र में मृत पाए गए हाथी की मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया गया है। हाथी का बिसरा फोरेंसिक लैब दिल्ली भेजा गया है। रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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बता दें, देहरादून वन प्रभाग के थानो रेंज में जौलीग्रांट एयरपोर्ट के पास जंगलों में रहस्यमय परिस्थितियों में हाथी मृत मिला था। हाथी की मौत के बाद तस्कर दांत निकाल ले गए थे। इस मामले में आशंका थी कि तस्करों ने जहर देकर हाथी को मार दिया है। इस पर वन विभाग व एसटीएफ की संयुक्त टीम ने चार हाथी दांत तस्करों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद हाथी का बिसरा जांच के लिए बरेली स्थित इंडियन वेटेरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईवीआरआई) भेजा गया था।
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प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान का कहना है कि रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है कि हाथी की मौत जहर देने के चलते नहीं हुई। संभवत: हाथी की मौत किसी बीमारी के चलते हुई। बड़कोट क्षेत्र में मृत पाए गए हाथी की मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया गया है। हाथी का बिसरा फोरेंसिक लैब दिल्ली भेजा गया है। रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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