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Exclusive: उत्तराखंड में बिजली चोरी रोकने को यूपीसीएल ने बनाया बड़ा प्लान, 16 लाख घरों में लगेंगे स्मार्ट मीटर

Sat, 30 Jul 2022 12:48 PM IST
अलका त्यागी आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sat, 30 Jul 2022 12:48 PM IST
सार

अभी तक यूपीसीएल में एमडी के अलावा निदेशक वित्त, निदेशक प्रोजेक्ट, निदेशक एचआर, निदेशक ऑपरेशन जैसे पद होते थे। ताजा आदेश के बाद अब यूपीसीएल में केवल तीन निदेशक होंगे।

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Exclusive: Smart meters will be installed in 16 lakh houses in Uttarakhand for stop electricity theft
बिजली(प्रतीकात्मक तस्वीर)

विस्तार

उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) में निदेशकों की संख्या कम कर दी गई है। निगम में अब केवल तीन निदेशक ही होंगे। इस संबंध में आदेश जारी हो गया है। ऊर्जा मंत्रालय के ताजा नियमों के हिसाब से यह बदलाव लागू हो रहे हैं। इन्हें लागू करने पर यूपीसीएल को केंद्र से 900 करोड़ से अधिक की सहायता मिलेगी। इस पैसे से बिजली चोरी रोकने से लेकर लाइनलॉस को कम करने जैसे अहम काम होंगे।

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अभी तक यूपीसीएल में एमडी के अलावा निदेशक वित्त, निदेशक प्रोजेक्ट, निदेशक एचआर, निदेशक ऑपरेशन जैसे पद होते थे। ताजा आदेश के बाद अब यूपीसीएल में केवल तीन निदेशक होंगे। पहला पद निदेशक वित्त का होगा। दूसरा पद निदेशक ऑपरेशन व प्रोजेक्ट और तीसरा पद निदेशक कॉमर्शियल एंड एनर्जी एकाउंटिंग का होगा। यह तीसरा पद पहली बार आया है। वहीं, एमडी, निदेशकों, स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति और हटाने का अधिकार चयन समिति को होगा। इस चयन समिति में मुख्य सचिव अध्यक्ष होंगे, जबकि सचिव ऊर्जा, सचिव प्रशासन, आईआईटी या आईआईएम के निदेशक और ऊर्जा मंत्रालय की ओर से नामित अधिकारी इसमें सदस्य होंगे। 

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16 लाख घरों में स्मार्ट मीटर, बिजली चोरी पर लगेगी लगाम

यह बदलाव लागू होने के बाद प्रदेश के 16 लाख घरों में स्मार्ट मीटर लगेंगे। यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार ने बताया कि सबसे पहले कॉमर्शियल और पांच किलोवाट तक के उपभोक्ताओं के प्रतिष्ठानों पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे। प्रति मीटर औसत छह हजार रुपये का खर्च आएगा, जिसमें से 22.5 प्रतिशत पैसा केंद्र से ग्रांट के तौर पर मिलेगा। बाकी पैसा मीटर लगाने वाली कंपनी को यूपीसीएल की ओर से प्रति मीटर प्रतिमाह के हिसाब से दस साल तक दिया जाएगा। उपभोक्ताओं को इस मीटर के लिए अलग से कोई खर्च नहीं देना होगा। इन स्मार्ट मीटर से यूपीसीएल सभी उपभोक्ताओं पर नजर रख सकेगा। बिजली चोरी भी पकड़ में आ सकेगी। 

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खर्च नियंत्रित होगा, केंद्र से मिलेगा पैसा

यूपीसीएल में अभी निदेशकों का भारी भरकम खर्च है। यह खर्च नई व्यवस्था के बाद नियंत्रित हो जाएगा। इसके साथ ही इन सभी बदलावों को लागू करने के बाद केंद्र सरकार से करीब 900 करोड़ रुपये का लोन मिलेगा। इस पैसे से ही स्मार्ट मीटर सहित तमाम बदलाव लागू होंगे। इसके साथ ही लाइन लॉस को कम करने में विशेष कार्ययोजना बनेगी।



ऊर्जा मंत्रालय ने सभी डिस्कॉम को लेकर नई गाइडलाइंस दी है। इसी हिसाब से निदेशकों के पद कम किए गए हैं। बाकी बदलाव भी उसी के हिसाब से सरकार ने लागू किए हैं। 
- अनिल कुमार, एमडी, यूपीसीएल

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