विज्ञापन

उत्तराखंड: चमोली में देर रात अतिवृष्टि का कहर, भूस्खलन से खेत और गौशालाएं तबाह, उफान पर गदेरे

न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 08 Sep 2018 09:47 AM IST
landslide
landslide
विज्ञापन
ख़बर सुनें
अतिवृष्टि से ग्राम पंचायत उस्तोली के सगोलाबगड़ और सरपाणी गांव में भारी नुकसान हुआ। अतिवृष्टि से सगोलाबगड़ में दो गोशाला मलबे में दबने से सात मवेशी मर गए जबकि गदेरे के उफान पर आने से घाट-सितेल मार्ग का करीब 200 मीटर हिस्सा भी बह गया है।
विज्ञापन
गांव को जोड़ने वाला पैदल रास्ता भी कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया है। ऐसे में ग्रामीण अपने गांव में ही कैद होकर रह गए हैं। वहीं, सरपाणी गांव में मलबे से करीब 100 नाली कृषि भूमि नष्ट हो गई है, जबकि गांव की पेयजल लाइन भी ध्वस्त हो गई। शुक्रवार को तहसील टीम ने आपदा प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया।  

बृहस्पतिवार देर रात हुई अतिवृष्टि से घाट क्षेत्र के ग्राम पंचायत उस्तोली के सगोलाबगड़ गांव के समीप बरसाती नाला उफान पर आ गया और गांव के सिंचित खेतों में मलबा भर गया।  वहीं गोपाल राम, प्रेम सिंह और हयात सिंह की गोशालाएं मलबे में दब गईं और चार गाय और दो भैंस मलबे में दफन हो गए। केदार सिंह, ज्ञान सिंह, मुन्नी, धर्म सिंह, सुरेंद्र सिंह, ताजवर, बलवीर सिंह, गोपाल सिंह समेत 21 लोगों के खेतों में मलबा घुस गया। इससे धान, आलू और मंडुवे की फसल नष्ट हो गई है।  

 
विज्ञापन
आगे पढ़ें

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Dehradun

अपने हिस्से में से रोज खाना देता था भिखारी, तो कुत्तों ने ऐसे चुकाया अपने 'मददगार' का कर्ज 

कहते हैं कि बेजुबान भी मदद का महत्व समझते हैं। तभी तो 40 साल के अज्ञात युवक के अंतिम समय में अपना कोई नहीं था।

14 नवंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

बंद हुए केदारनाथ मंदिर के कपाट, अगले छह महीने तक बाबा ओंकारेश्वर मंदिर में रहेंगे विराजमान

भैयादूज के पावन पर्व पर रुद्प्रयाग स्थित केदारनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। अब अगले छह महीने तक बाबा केदार ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान रहेंगे। केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद होने के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

9 नवंबर 2018

Related

आज का मुद्दा
View more polls
Niine

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree