पत्नी ने की दूसरी शादी, लौटने की उम्मीद में पति ने दूसरे पति को उतार दिया मौत के घाट
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युवक की हत्या कर नहर किनारे शव फेंकने के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर ही खुलासा कर दिया। मामले में मृतक की पत्नी के पूर्व पति समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मृतक की पत्नी के पूर्व पति ने ममेरे भाई और एक अन्य दोस्त के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। शनिवार को एएसपी देवेंद्र पींचा ने वारदात का खुलासा किया।
शुक्रवार की सुबह नदन्ना नहर के किनारे गोसीकुआं निवासी मंदीप सिंह राणा का शव मिला था। मृतक की शिनाख्त के बाद से ही पुलिस दो संदिग्धों की तलाश में जुटी थी। शनिवार को दिन भर पुलिस एक-एक कड़ी जोड़ती रही। शाम को कोतवाली में एएसपी ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि कोतवाल संजय पाठक के नेतृत्व में दो टीमें गठित की गईं थी।
जानकारियां जुटाने के बाद पुलिस ने हत्या में शामिल मंदीप सिंह राणा की पत्नी पूजा के पहले पति जादोपुर निवासी श्याम सिंह राणा, उसके ममेरे भाई जादोपुर का ही शेर सिंह राणा और दोस्त पीलीभीत के झुरकिया थाना पूरनपुर और हाल निवासी जादोपुर प्रमोद कुमार को गिरफ्तार कर लिया। बताया कि मंदीप ने श्याम की पत्नी को प्रेमजाल में फंसाकर विवाह कर लिया था।
इसी वजह से श्याम मंदीप से बैर रखता था। वह उसे सबक सिखाने का मौका तलाश रहा था। कुछ समय पहले श्याम ने अपनी मंशा शेर सिंह और प्रमोद को बताकर इन्हें मंदीप की हत्या के लिए राजी किया। चार दिन पहले हत्या की साजिश रची गई। शराब पीने के बहाने मंदीप को नहर किनारे ले जाया गया और वहां मौत के घाट उतार दिया गया। तीनों के खिलाफ धारा 302 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। खुलासा करने वाली पुलिस टीम के लिए एसएसपी ने ढाई और एएसपी ने डेढ़ हजार रुपये इनाम की घोषणा की है।
श्याम को पत्नी पूजा के लौटने की थी आस
पूछताछ में श्याम सिंह ने बताया कि उसे विश्वास था कि मंदीप को ठिकाने लगाने के बाद पत्नी पूजा वापस आ जाएगी। पूजा एक बेटे और बेटी को छोड़कर गई थी और मंदीप से शादी कर ली थी।
कोतवाल संजय पाठक ने बताया कि श्याम सिंह का ममेरा भाई शेर सिंह मंदीप को शुक्रवार की शाम शराब का बहाना बनाकर नहर के पास ले गया। इसके बाद श्याम सिंह और प्रमोद को बुलाया और फिर अपनी योजना को अंजाम दिया।
शेर सिंह को भी अपनी पत्नी को भगाने में मंदीप का हाथ होने का था शक
एएसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि शेर सिंह की पत्नी भी पूर्व में भाग चुकी थी। शेर सिंह को शक था कि उसके भागने में मंदीप ने मदद की है। इस पर वह भी उससे बैर रखता था। उसने तीन माह पहले ही बनबसा में मंदीप की बंटाई की जमीन के पास ही भूमि बंटाई में ली।
वह उसके संपर्क में था और वह मंदीप को कई बार शराब पिलाने लाया। हत्याकांड से पहले शुक्रवार को उन्होंने आलाविरदी गांव में शराब पी और उसके बाद वह नदन्ना आए। जहां दोस्त प्रमोद और श्याम सिंह को बुलाया। प्रमोद ने इस दौरान हेलमेट पहना था।
मौत हुई है या नहीं इसकी जांच करने दोबारा आए
वारदात को अंजाम देने के तीनों आरोपी वहां से चले गए। इसके बाद प्रमोद और शेर सिंह दोबारा घटनास्थल यह देखने पहुंचे कि मंदीप मरा चुका है या नहीं। इसके बाद उन्होंने शव नहर किनारे फेंक दिया। एएसपी ने बताया कि प्रमोद ने ही मंदीप पर पहला वार किया था।