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ठेकेदारों और सीबीएसई स्कूलों पर ईपीएफओ का शिकंजा, पीएफ जमा न करने पर नोटिस जारी

Sat, 14 Dec 2019 09:54 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sat, 14 Dec 2019 09:54 AM IST
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EPFO strict on contractors and cbse Schools for not Submit Pf in uttarakhand
- फोटो : फाइल फोटो

कर्मचारियों के हिस्से का प्रोविडेंट फंड का पैसा दबाने वाले प्रदेश के 600 लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार और सीबीएसई स्कूल अब ईपीएफओ के शिकंजे में आ गए हैं। ईपीएफओ ने इन्हें नोटिस जारी कर दिए हैं।

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ईपीएफओ रीजनल कमिश्नर मनोज कुमार यादव ने बताया कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पीडब्ल्यूडी के ‘ए’ कैटेगरी के करीब 600 ठेकेदार चिह्नित हुए हैं। यह ठेकेदार अपनी लेबर को पीएफ नहीं दे रहे हैं। इसी प्रकार, गढ़वाल मंडल में तमाम ऐसे सीबीएसई स्कूल चिह्नित किए गए हैं जो कि अपने कर्मचारियों का पीएफ अंशदान जमा नहीं करा रहे हैं।
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लिहाजा, ऐसे सभी ठेकेदार और स्कूलों की सूची बनाकर उन्हें नोटिस जारी किया गया है। रीजनल कमिश्नर ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में 100 प्रतिशत पीएफ रिकवरी का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत कई ऐसे क्षेत्रों में भी पीएफ अंशदान तलाश किया जा रहा है, जहां कभी पीएफ जमा ही नहीं कराया गया है। सभी को पहले नोटिस जारी किया जाएगा और इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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टिहरी गढ़वाल दुग्ध उत्पादक संघ का टैंकर जब्त, खाता सीज

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने कर्मचारियों का अंशदान जमा न करा रहे टिहरी गढ़वाल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ का टैंकर जब्त कर लिया है और खाता सीज कर दिया है। संघ पर कर्मचारियों का 32 लाख रुपये अंशदान बकाया है।

टिहरी दुग्ध उत्पादक संघ ने वर्ष 2018-19 का 20,67,015 रुपये और वर्ष 2017-18 का 11,32,470 कर्मचारियों का पीएफ अंशदान जमा नहीं कराया है। इस बाबत सहकारिता सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम को भी पत्र भेजा गया। कई बार पत्राचार के बाद भी दुग्ध संघ ने पीएफ अंशदान जमा नहीं कराया।

ईपीएफओ के सहायक आयुक्त शलभ गुप्ता ने बताया कि करीब 32 लाख अंशदान की रिकवरी के लिए प्रवर्तन अधिकारी राजेश कुमार और खुशी प्रकाश की टीम टिहरी पहुंची। टीम ने संघ का 62 केवी का जेनरेटर सीज कर दिया। दूध का टैंकर जब्त कर लिया। इसके साथ ही संघ का बैंक खाता भी अटैच कर दिया है। ईपीएफओ रीजनल कमिश्नर मनोज कुमार यादव के मुताबिक, दुग्ध संघ ने जल्द पीएफ अंशदान जमा न कराया तो सभी सामान की नीलामी करके पीएफ अंशदान जमा किया जाएगा।

कई और दुग्ध संघ पर कसेगा शिकंजा
ईपीएफओ के मुताबिक, प्रदेश के हरिद्वार सहित कई और दुग्ध संघ कर्मचारियों का पीएफ अंशदान समय से जमा नहीं करा रहे हैं। इनके खिलाफ भी जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

पालिका और निगमों ने दबाया कर्मचारियों का पीएफ

प्रदेश की नगर पालिका और नगर निगमों की ओर से कर्मचारियों का पीएफ जमा नहीं कराया जा रहा है। ईपीएफओ की ओर से सख्ती की जाती है तो फिर पीएफ जमा कराया जाता है। 

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने नगर निगम हरिद्वार के खाते अटैच किए तो निगम ने 1.44 करोड़ रुपये का पीएफ अंशदान जमा करा दिया। इसी प्रकार, देहरादून नगर निगम के खाते अटैच हुए तो यहां भी करीब पौने दो करोड़ रुपये पीएफ अंशदान जमा करा दिया गया। अब नगर पालिका मसूरी का करीब तीन करोड़ रुपये का पीएफ अंशदान बकाया है। पालिका को इस संबंध में कई बार नोटिस भेजा जा चुका है।

ईपीएफओ के रीजनल कमिश्नर मनोज कुमार यादव का कहना है कि पालिका ने जल्द पीएफ अंशदान जमा न कराया तो खाते सीज की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेशभर में जितने भी पालिका और नगर निगम हैं, उनमें से ज्यादातर पीएफ अंशदान जमा नहीं करा रहे हैं। इस संबंध में प्रदेश सरकार से भी कई बार पत्राचार किया जा चुका है। ऐसे सभी निगम और पालिका की सूची तैयार कर ली गई है। आने वाले कुछ दिनों में सभी को रिकवरी के लिए खाते अटैच करने जैसी कार्रवाई की जाएगी।

सरकार नहीं करती बजट का प्रावधान
पालिका और निगमों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए राज्य सरकार बजट का प्रावधान नहीं कर रही है। जिसकी वजह से बार-बार कहने पर भी उनका पीएफ अंशदान अटक रहा है। इस बाबत भी ईपीएफओ की ओर से शासन को पत्र भेजा गया है।

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