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अनियमितताओं में दोषी पाए जाने पर सिचाई सिंचाई विभाग का प्रमुख अभियंता निलंबित
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, काशीपुर
Updated Sat, 01 Dec 2018 10:17 PM IST
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सिंचाई विभाग काशीपुर के तत्कालीन ईई और वर्तमान में प्रमुख अभियंता कार्यालय देहरादून में एसई के पद पर तैनात रामसकल आर्य को वित्तीय अनियमितताओं में निलंबित कर दिया गया है। जांच अधिकारी चीफ इंजीनियर (कुमाऊं) एमसी पांडे ने बताया कि निलंबन आदेश की सूचना रामसकल को भेज दी गई है।
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रामसकल आर्य वर्ष 2012-13 से 2017-18 तक काशीपुर सिंचाई खंड में अधिशासी अभियंता (ईई) के पद पर तैनात रहे। वर्ष 2013 में उनके पर्यवेक्षण में महुआखेड़ागंज और बाजपुर में सिंचाई विभाग के अतिथिगृहों का निर्माण कराया गया। इन भवनों के निर्माण का भुगतान वास्तविक लागत से काफी अधिक किया गया। इसके अलावा अनुरक्षण मद में ठेकेदारों को निर्माण कार्यों का भुगतान नहीं किया गया।
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इस मद का बजट दूसरे कार्यों के लिए आवंटित कर दिया गया। भुगतान न होने के कारण ठेकेदारों ने हड़ताल कर दी। यह हड़ताल 96 दिन चली। विभागीय जांच में तत्कालीन ईई आर्य के खिलाफ वित्तीय अनियमितताएं बरते जाने के आरोप प्रथमदृष्टया सही पाए गए। राज्यपाल के आदेश के बाद सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव आनंदवर्धन ने आर्य के निलंबन के आदेश जारी कर दिए। रामसकल को सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
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कांट्रेक्ट वेलफेयर सोसायटी ने की गहन जांच की मांग
कांट्रेक्ट वेलफेयर सोसायटी के पदाधिकारियों ने अनियमितता के आरोप में सिंचाई विभाग के एसई (संपत्ति) रामसकल आर्य के निलंबन का स्वागत करते हुए उन पर लगे आरोपों की गहन जांच की मांग उठाई है। सिंचाई खंड परिसर में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि इस बड़े घोटाले में जिन भी अन्य अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध हो, उन सभी के खिलाफ भ्रष्टाचार उन्मूलन अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज कराए जाएं। वहां संघ के अध्यक्ष अशोक शर्मा, उपाध्यक्ष प्रदीप जोशी, सचिव उमेश पांडे, कोषाध्यक्ष मोहन तिवारी और डीडी सिंह आदि थे।