आरक्षण और रोस्टर पर रार: गुस्साए कर्मचारियों ने कैबिनेट मंत्री का पुतला फूंका
- जातीय राजनीति करने का लगाया आरोप, जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन व पुतला दहन
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पदोन्नति में आरक्षण और सीधी भर्ती के रोस्टर को लेकर कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य के रुख से नाराज जनरल और ओबीसी कर्मियों ने कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य का पुतला फूंका। मंगलवार को उत्तराखंड जनरल ओबीसी इम्पलाइज एसोसिएशन के आह्वान पर कर्मचारी जनपद मुख्यालयों पर जुटे, जहां उन्होंने जोरदार नारेबाजी के बीच कैबिनेट मंत्री का पुतला दहन किया। राजधानी देहरादून में कर्मचारी बड़ी तादाद में पहुंचे, जहां उन्होंने पहले नारेबाजी और प्रदर्शन किया और उसके बाद पुतला फूंका। इस अवसर पर एसोसिएशन के नेताओं ने कैबिनेट मंत्री पर जातीय राजनीति करने का आरोप लगाया।
एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष दीपक जोशी ने कहा कि कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य की ही अध्यक्षता में गठित मंत्रिमंडलीय उपसमिति की ही सिफारिश पर प्रदेश मंत्रिमंडल ने सीधी भर्ती के रोस्टर का निर्धारण किया था। लेकिन कैबिनेट मंत्री ने एससी-एसटी इम्पलाइज फेडरेशन के दबाव में अपने स्टैंड से यूटर्न लिया और सरकार पर बेवजह दबाव बनाने की कोशिश कर जातीय राजनीति की। रविवार को फेडरेशन की बैठक में कुछ विधायकों द्वारा अपनी सरकार के निर्णय की आलोचना की गई। प्रदर्शन कार्यक्रम में अखिल भारतीय समानता मंच के राष्ट्रीय महासचिव बीपी नौटियाल सपरिवार उपस्थित हुए। सेवानिवृत्त बिग्रेडियर एवं विभिन्न संस्थाओं से जुड़े मनोचिकत्सक डॉ. मुकुल शर्मा, इंजीनियर एस के शर्मा भी प्रदर्शनकारियों में शामिल थे। प्रदर्शन करने वालों में एसोसिएशन के प्रांतीय महासचिव वीरेंद्र सिंह गुसांई, पंचम सिंह बिष्ट, राकेश जोशी, जीतमणी पैन्यूली, यशवंत सिंह रावत, रीता कौल, मुकेश बहुगुणा, आशुतोष सेमवाल, सुमन देविलयाल,रेन लांबा, कल्पना बिष्ट, सुनीता उनियाल, जेपी कुकरेती, एसएल बिन्जोला, एसपी एस देवरानी, वीके धस्माना, विनोद पटवाल, चमनलाल असवाल, सूर्यप्रकाश राणाकोटी समेत कई कर्मचारी उपस्थित थे।
प्रमुख मांगें
-पदोन्नति पर लगी रोक हटाई जाए
-प्रमोशन में आरक्षण नहीं दिया जाए
-सीधी भर्ती के रोस्टर में कोई छेड़छाड़ न की जाए
अदालती जंग को विधि प्रकोष्ठ बनाया
सड़क पर आंदोलन करने के साथ ही अदालती जंग को मजबूती देने के लिए उत्तराखंड जनरल ओबीसी इम्पलाइज एसोसिएशन ने विधि प्रकोष्ठ का गठन किया। सचिवालय के एमएस परमार को इसका संयोजक बनाया गया, जबकि राज्य कर विभाग के यशपाल सिंह, लोनिवि के बीपी नौटियाल और पेयजल निगम के सौर शर्मा को सदस्य बनाया गया।
प्रांतीय कार्यकारिणी का किया विस्तार
उत्तराखंड जनरल ओबीसी इम्पलाइज एसोसिएशन की प्रांतीय कार्यकारिणी का विस्तर किया गया। उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता कुमार परिमल को एसोसिएशन का मुख्य विधि सलाहकार बनाया गया। अंजू बडोला को उपाध्यक्ष, पंचम सिंह बिष्ट को मीडिया प्रवक्ता, डीएस सरियाल को संगठन सचिव, नरेंद्र प्रसाद भट्ट को सोशल मीडिया प्रभारी, प्रवीण सक्सेना और सौरभ कुमार कार्यकारिणी का सदस्य बनाया गया।