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पिथौरागढ़ के 14 गांवों का अंधेरा जल्द होगा दूर
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 26 Jul 2016 03:55 AM IST
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बिजली
- फोटो : अमर उजाला
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पिथौरागढ़ के जनजाति बाहुल्य 14 गांवों को लघु जल विद्युत विद्युत परियोजना से जगमग किया जाएगा। इन गांवों में अभी तक बिजली नहीं पहुंच पाई थी। गांवों का विद्युतीकरण करने के लिए उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास प्राधिकरण (उरेडा) द्वारा सात परियोजनाएं शुरू की गई है। इनमें से तीन परियोजनाएं अक्तूबर तक पूरी हो जाएंगी। बाकी चार परियोजनाओं को अगले साल के प्रथम छमाही तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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उरेडा की ओर से पिथौरागढ़ जिले में 50 किलोवाट की नपलच्यू परियोजना शुरू की गई है। इस परियोजना का लगभग 65 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। इसके पूरा होने की स्थिति में नपलच्यू और गूंजी गांव के लोगों को बिजली मिलेगी। परियोजना की लागत लगभग 1.60 करोड़ रुपये है।
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कई परियोजनाओं पूरी होने के कगार पर
इसी तरह से बूंदी में 1.39 करोड़ की लागत से लघु जल विद्युत परियोजना शुरू की गई है। इस परियोजना का 80 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना के पूरा होने से बूंदी और छियालेख गांव के लोगों को बिजली मिलेगी। सेला में भी 1.24 करोड़ रुपये की लागत से जो परियोजना चल रही है। उसका 75 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है।
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योजना के पूरा होने पर सेला गांव के ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। इसी तरह से दूग्तू में 1.13 करोड़ की लागत से परियोजना चल रही है। यह परियोजना 25 किलोवाट की है। इससे दूग्तू, बौन और दांतू गांव के लोग लाभांवित होंगे। नागलिंग में 1.66 करोड़ की लागत से शुरू की गई परियोजना का कार्य भी 60 फीसदी तक पूरा हो चुका है। 50 किलोवाट की क्षमता वाली इस परियोजना से नागलिंग, चल और बालिंग गांव के लोग लाभांवित होंगे।
कुट्टी परियोजना का भी 50 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। उरेडा की सातवीं परियोजना रांगकांग में चल रही है। 2.02 करोड़ रुपये की इस परियोजना से रांगकांग और नामि के ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। उरेडा के मुख्य परियोजना अधिकारी एके त्यागी ने बताया कि सातों परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। इनमें से तीन का काम अक्तूबर माह तक पूरा कर लिया जाएगा।