{"_id":"6970d0a100caca135c05d74d","slug":"electricity-employees-struggle-front-gave-notice-of-agitation-dehradun-news-c-5-drn1043-883954-2026-01-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: बिजली कर्मचारी संघर्ष मोर्चा ने दिया आंदोलन का नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: बिजली कर्मचारी संघर्ष मोर्चा ने दिया आंदोलन का नोटिस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
-19 सूत्री मांगों को लेकर सात अप्रैल से हड़ताल की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने बुधवार से जनजागरण शुरू करने के साथ ही प्रमुख सचिव ऊर्जा और यूजेवीएनएल एमडी से वार्ता कर आंदोलन का नोटिस दिया। मोर्चा ने सात अप्रैल से हड़ताल की चेतावनी दी है।
मोर्चा पदाधिकारियों ने प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम और यूजेवीएनएल के निदेशक मंडल के समक्ष अपना ज्ञापन दिया। मोर्चा अध्यक्ष वाईएस तोमर, संयोजक इंसारूउल हक, सहसंयोजक प्रदीप कंसल, राजवीर सिंह, पंकज सैनी, राकेश शर्मा, डीएस रावत, भानु प्रकाश जोशी ने 19 सूत्रीय मांग पत्र के साथ चरणबद्ध आंदोलन और सात अप्रैल की हड़ताल की सूचना उन्हें दी।
वार्ता में मुख्य रूप से जल विद्युत परियोजनाओं संबंधित भूमि एवं संरचनाओं को तीन दिसंबर 2025 को नियोजन विभाग के शासनादेश के माध्यम से उत्तराखंड निवेश एवं संवर्धन बोर्ड को हस्तांतरित करने के विषय में बातचीत हुई। मोर्चा ने प्रमुख सचिव ऊर्जा व प्रबंधन को बताया कि जिस भूमि एवं संरचनाओं को आदेश के माध्यम से हस्तांतरित करने के आदेश किए गए हैं, उस पर वर्तमान में ऊर्जा उत्पादन कर रही परियोजनाओं व महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परियोजना लखवाड़ डैम, किशाऊ डैम के निर्माण संबंधित गतिविधियां चल रही हैं।
विज्ञापन
इसके अलावा एक विस्तृत तथ्य पत्र मोर्चा ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव ऊर्जा को दिया। कहा कि सरकार का लखवाड़, किशाऊ परियोजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य अति शीघ्र है लेकिन इस प्रकार के आदेश के माध्यम से इन परियोजनाओं के निर्माण एवं अन्य परियोजनाओं के परिचालन में बाधा उत्पन्न होगी। बन रहे बांधों के कारण पुनर्वास की समस्या भी भूमि के हस्तांतरण से बढ़ेगी।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने बुधवार से जनजागरण शुरू करने के साथ ही प्रमुख सचिव ऊर्जा और यूजेवीएनएल एमडी से वार्ता कर आंदोलन का नोटिस दिया। मोर्चा ने सात अप्रैल से हड़ताल की चेतावनी दी है।
मोर्चा पदाधिकारियों ने प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम और यूजेवीएनएल के निदेशक मंडल के समक्ष अपना ज्ञापन दिया। मोर्चा अध्यक्ष वाईएस तोमर, संयोजक इंसारूउल हक, सहसंयोजक प्रदीप कंसल, राजवीर सिंह, पंकज सैनी, राकेश शर्मा, डीएस रावत, भानु प्रकाश जोशी ने 19 सूत्रीय मांग पत्र के साथ चरणबद्ध आंदोलन और सात अप्रैल की हड़ताल की सूचना उन्हें दी।
विज्ञापन
वार्ता में मुख्य रूप से जल विद्युत परियोजनाओं संबंधित भूमि एवं संरचनाओं को तीन दिसंबर 2025 को नियोजन विभाग के शासनादेश के माध्यम से उत्तराखंड निवेश एवं संवर्धन बोर्ड को हस्तांतरित करने के विषय में बातचीत हुई। मोर्चा ने प्रमुख सचिव ऊर्जा व प्रबंधन को बताया कि जिस भूमि एवं संरचनाओं को आदेश के माध्यम से हस्तांतरित करने के आदेश किए गए हैं, उस पर वर्तमान में ऊर्जा उत्पादन कर रही परियोजनाओं व महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परियोजना लखवाड़ डैम, किशाऊ डैम के निर्माण संबंधित गतिविधियां चल रही हैं।
विज्ञापन
इसके अलावा एक विस्तृत तथ्य पत्र मोर्चा ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव ऊर्जा को दिया। कहा कि सरकार का लखवाड़, किशाऊ परियोजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य अति शीघ्र है लेकिन इस प्रकार के आदेश के माध्यम से इन परियोजनाओं के निर्माण एवं अन्य परियोजनाओं के परिचालन में बाधा उत्पन्न होगी। बन रहे बांधों के कारण पुनर्वास की समस्या भी भूमि के हस्तांतरण से बढ़ेगी।