Uttarakhand News: प्रदेश में बिजली की मांग 5.6 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंची, कटौती से यूपीसीएल का इनकार
यूपीसीएल के एमडी का कहना कि इतनी मांग के बावजूद कहीं भी अभी तक कटौती नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि अगर कहीं बिजली हो रही है तो वह किसी स्थानीय कारण से जा रही है।
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प्रदेश में बिजली की मांग 5.6 करोड़ यूनिट से ऊपर कायम है। इस बीच यूपीसीएल का दावा है कि मांग के सापेक्ष आपूर्ति पूरी करने के लिए वह रोजाना 60 से 70 लाख यूनिट बाजार से खरीद रहे हैं। अगर कहीं कुछ देर के लिए बिजली जा रही है तो उसके पीछे कोई स्थानीय फॉल्ट ही हो सकता है।
प्रदेश में पिछले तीन दिन से लगातार बिजली की मांग अपने उच्च स्तर 5.6 करोड़ यूनिट के करीब चल रही है। इस मांग के सापेक्ष यूपीसीएल के पास करीब पांच करोड़ यूनिट उपलब्ध है। बाकी बिजली बाजार से खरीदकर उपलब्ध कराई जा रही है।
इस मांग के सापेक्ष यूपीसीएल अभी 24 घंटे आपूर्ति का दावा कर रहा है। यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार ने बताया कि इतनी मांग के बावजूद कहीं भी अभी तक कटौती नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि अगर कहीं बिजली हो रही है तो वह किसी स्थानीय कारण से जा रही है। इसमें लाइन शिफ्टिंग से लेकर अत्यधिक लोड भी शामिल हो सकता है।
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दो प्रोजेक्ट से नहीं मिलेगी बिजली
राज्य को दो जल विद्युत परियोजनाओं से बिजली नहीं मिलेगी। चीला पावर हाउस इसी सप्ताह बंद होने जा रहा है, जिससे करीब 100 मेगावाट बिजली मिलती है। वहीं टीएचडीसी भी एक जून से बंद होने जा रहा है, जिससे करीब 128 मेगावाट बिजली मिलती है। चीला करीब 15 दिन बंद रहेगा जबकि टीएचडीसी ने 45 दिन का शटडाउन मांगा है जो कि 30 दिन में पूरा होने का अनुमान है। मांग के इस सीजन में यूपीसीएल के लिए इससे और चुनौती बढ़नी तय है।