Rishikesh: एलटी कनेक्शन में नहीं लगाई जाती विद्युत सुरक्षा इंजीनियर की रिपोर्ट, जान पर भारी पड़ रहा ये नियम
किसी भी संस्थान या प्लांट में 75 किलोवाट से कम क्षमता वाले एलटी कनेक्शन पर विद्युत सुरक्षा विभाग के इंजीनियर की रिपोर्ट की जरूरत नहीं पड़ती है। जबकि एचटी लाइन के कनेक्शन (75 किलोवाट से अधिक क्षमता) प्लांट या फिर संस्थान में लगाने पर विद्युत सुरक्षा इंजीनियर की रिपोर्ट लगवाई जाती है।
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ऊर्जा निगम एलटी लाइनों में 75 किलोवाट से कम क्षमता के कनेक्शन देने में संबंधित प्लांट या संस्थान में विद्युत सुरक्षा इंजीनियर की रिपोर्ट नहीं लगवाता है। ऊर्जा निगम का यह नियम लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है। 2004 में शासन ने यूपी के समय से चली आ रही इंजीनियर की रिपोर्ट लगाने की अनिवार्यता के नियम को बदल दिया था।
ऊर्जा निगम के अधिकारियाें की मानें तो किसी भी संस्थान या प्लांट में 75 किलोवाट से कम क्षमता वाले एलटी कनेक्शन पर विद्युत सुरक्षा विभाग के इंजीनियर की रिपोर्ट की जरूरत नहीं पड़ती है। जबकि एचटी लाइन के कनेक्शन (75 किलोवाट से अधिक क्षमता) प्लांट या फिर संस्थान में लगाने पर विद्युत सुरक्षा इंजीनियर की रिपोर्ट लगवाई जाती है।
उत्तर प्रदेश के समय में सभी व्यावसायिक और सार्वजनिक प्लांट को बिजली के कनेक्शन देने से पहले विद्युत सुरक्षा विभाग के इंजीनियर की रिपोर्ट लगाई जाती थी। रिपोर्ट के बाद ही ऊर्जा निगम संबंधित फर्म या संस्थान को बिजली का कनेक्शन देता था। लेकिन उत्तराखंड राज्य गठन के बाद शासन ने यूपी से चले आ रहे नियम को बदल दिया था। विभाग में इंजीनियरों की कमी और आवेदनों की संख्या अधिक होने का हवाला देकर नियम में बदलाव किया गया।
12 किलोवाट क्षमता का जनरेटर लगाने में लगानी होती है रिपोर्ट
यदि कोई व्यक्ति घर, संस्थान, आश्रम या फिर साइट पर 12 किलोवाट या इससे अधिक क्षमता का जनरेटर (डीजी सेट) लगाता है तो उसे विद्युत सुरक्षा विभाग के इंजीनियर से रिपोर्ट लगवानी पड़ती है। कई बार लोग विद्युत सुरक्षा इंजीनियर की रिपोर्ट लगाना उचित नहीं समझते। वहीं, विद्युत सुरक्षा विभाग में कर्मचारियों की कमी होने के कारण एनओसी की रिपोर्ट न लगाने वालों पर कार्रवाई नहीं हो पाती। न ही इन्हें जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जाते हैं।
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75 किलोवाट से कम क्षमता (एलटी लाइन) वाले बिजली कनेक्शन लेने के लिए विद्युत सुरक्षा विभाग के इंजीनियर की रिपोर्ट नहीं लगवाई जाती है। 75 किलोवाट से अधिक (एचटी लाइन) कनेक्शनों पर विद्युत सुरक्षा विभाग के इंजीनियर की रिपोर्ट की जरूरत पड़ती है। - शक्ति प्रसाद, अधिशासी अभियंता ऊर्जा निगम ऋषिकेश
सुरक्षा की दृष्टि से ऊर्जा निगम को 75 किलोवाट से कम के बिजली कनेक्शनों में विद्युत सुरक्षा विभाग के इंजीनियर से रिपोर्ट लगवानी चाहिए। लोगों की सुरक्षा की दृष्टि से यह आवश्यक है। जब संबंधित प्लांट की एनओसी दी जाए, तभी कनेक्शन देना चाहिए। - गिरीश पांडेय, निदेशक, विद्युत सुरक्षा निदेशालय हल्द्वानी