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चुनाव के बाद भी कम नहीं होगी निशंक की परेशानी
अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Tue, 22 Apr 2014 12:14 PM IST
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नामांकन पत्रों की जांच के दौरान हरिद्वार निवासी रमेशचंद्र शर्मा ने याचिका देकर भाजपा प्रत्याशी रमेश पोखरियाल निशंक का नामांकन निरस्त करने की मांग की।
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सरकारी विभागों से एनओसी नहीं ली
उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई कि निशंक ने अपने नामांकन में सरकारी विभागों से एनओसी नहीं ली है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने निशंक का नामांकनपत्र स्वीकार कर लिया लेकिन साथ ही आपत्ति की बाबत तीन विभागों से रिपोर्ट मांगी है।
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रमेशचंद्र शर्मा की आपत्ति में आरोप लगाया गया कि प्रत्याशी को राज्य और केंद्र सरकार की बकाया राशि का भुगतान कर अनापत्ति पत्र नामांकन के साथ जमा कराना होता है। लेकिन भाजपा प्रत्याशी रमेश पोखरियाल निशंक ने इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया है।
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उन्होंने मांग की है कि प्रत्याशी से पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर आवंटित सरकारी आवास के मासिक किराये, विद्युत और जल बिल का अनापत्ति प्रमाणपत्र मांगा जाए।
पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी
जिला निर्वाचन अधिकारी डी सेंथिल पांडियन ने निशंक का नामांकनपत्र स्वीकार तो कर लिया, लेकिन जल संस्थान, ऊर्जा निगम और राज्य संपत्ति विभाग से पूरे मामले पर रिपोर्ट देने को कहा है।
मैंने निर्वाचन से संबंधित प्रपत्र में उल्लेख सभी एनओसी जमा किए हैं। जिस एनओसी की बात की जा रही है मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर मुख्यमंत्री कार्यकाल के किसी बकाये के संबंध में एनओसी की बात की जा रही है यह काम और जिम्मेदारी राज्य संपत्ति विभाग की है।
- रमेश पोखरियाल निशंक, पूर्व मुख्यमंत्री