फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   election commission decesion on ukd

उक्रांद को बड़ा झटका, निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे प्रत्याशी

Tue, 22 Apr 2014 10:52 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 22 Apr 2014 10:52 PM IST
विज्ञापन
election commission decesion on ukd

उत्तराखंड क्रांति दल में चल रही धड़ेबाजी एक बार फिर दल पर भारी पड़ी है। त्रिवेंद्र सिंह पंवार और काशी सिंह ऐरी के बीच असली उक्रांद को लेकर चल रही खींचतान पर निर्वाचन आयोग ने उनके प्रत्याशियों को निर्दलीय मानने का फैसला दिया है।

विज्ञापन


पढ़ें, सेना की फायरिंग रेंज से दहशत में ग्रामीण
विज्ञापन


निर्वाचन आयोग ने ऐरी और पंवार धड़े के पदाधिकारियों को अनधिकृत करार दिया है। हालांकि आयोग ने उक्रांद के नाम के इस्तेमाल पर कोई निर्देश नहीं दिया है न ही उसे समाप्त किया है, इसका फैसला चुनाव के बाद होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


आयोग ने साफ किया है कि पार्टी का विवाद अभी सुलझा नहीं है जिससे उसे चुनाव चिन्ह आवंटित नहीं किया जाएगा।

ईवीएम मशीन पर नहीं होगा उक्रांद

election commission decesion on ukd

चुनाव आयोग के फैसले के बाद अब ईवीएम मशीन में उक्रांद के प्रत्याशियों के तौर पर कोई प्रत्याशी नहीं होगा। पंवार और ऐरी धड़े को आयोग जो चुनाव चिन्ह आवंटित करेगा वह बतौर निर्दलीय ही दर्ज किये जाएंगे।

पढ़ें,खच्चरों पर लदकर आती है वोट ‘कब्जाने’ वाली मशीन

इसका नुकसान दोनों धड़ों को उठाना पड़ेगा। गौरतलब है उक्रांद डेमोक्रेटिक दल पंजीकृत है लेकिन उसका कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं है।

चुनाव नहीं, अस्त्त्वि की लड़ाई लड़ रहा यूकेडी

election commission decesion on ukd

1979 में बने उत्तराखंड क्रांति दल चुनाव जीतने से अधिक अपना अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़ रहा है। निर्वाचन आयोग ने काशी सिंह ऐरी और त्रिवेंद्र पंवार धड़े की सुनवाई के बाद उनके प्रत्याशियों को निर्दलीय करार दे दिया है।

पढ़ें, गजब! हरीश ने लगाया बसपा विधायकों का जयकारा

ऐसे में पार्टी प्रत्याशियों की स्थिति और दयनीय हो गई है। प्रत्याशियों को यह चिंता सता रही है कि अगर सबको समान चिन्ह नहीं मिले तो प्रचार अभियान कैसे चलेगा। ऐरी धड़े के पांचों सीटों पर प्रत्याशी हैं, जबकि पंवार धड़े को दो सीटों टिहरी और पौड़ी में प्रत्याशी हैं।

पढ़ें, इस मैदान से होकर जाता है ट‌िहरी की जीत का रास्ता

उधर, उक्रांद की खेमेबाजी का फायदा क्षेत्रीय मुद्दों पर संघर्ष करने वाले दलों को मिल सकता है। आम आदमी पार्टी ने गैरसैंण स्थाई राजधानी और रामपुर तिराहा कांड जैसे मुद्दों को घोषणा पत्र में शामिल कर इसकी शुरुआत कर दी है।

उक्रांद के नुकसान से इन दलों को फायदा

election commission decesion on ukd

उत्तराखंड क्रांति दल के नेताओं में मतभेदों के चलते अब पार्टी हाशिये पर पहुंच गई है। दल के दो मुख्य धड़े अपने प्रत्याशी चुनाव में उतार चुके है लेकिन अब निर्दलीय उतरने से उनके सामने वोटर के बीच पहचान एक बड़ी चुनौती बन गई है।

पढ़ें, सांसद पिता के ल‌िए स्कूल छोड़ पहाड़ चढ़ रही ये बेटी

उक्रांद की गिरती साख का फायदा आम आदमी पार्टी और उत्तराखंड़ परिवर्तन पार्टी जैसे दलों को होगा।

पढ़ें, सेना की फाय‌र‌िंग रेंज से दहशत में ग्रामीण

जिन मुद्दों पर उक्रांद चुनाव लड़ा करती है उन्हीं को आप ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में शामिल कर खुद को क्षेत्रीय फ्रंट पर विकल्प के तौर पर पेश किया है।

क्या कहते हैं उक्रांद के नेता

election commission decesion on ukd

आयोग ने पार्टी नाम के इस्तेमाल पर कोई रोक नहीं लगाई है। 2012 में हमारे नेतृत्व वाले दल को आयोग ने असली उक्रांद माना था, जो फैसला बरकरार है जब तक नया फैसला नहीं आता है। हमने कप प्लेट की मांग आयोग के समक्ष रखी है। हालांकि काशी सिंह ऐरी दल का नाम इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं।
-त्रिवेंद्र सिंह पंवार, उक्रांद (पंवार)

आयोग ने केवल प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटन बतौर निर्दलीय करने के निर्देश दिए हैं। पार्टी का नाम प्रचार अभियान में किए जाने पर कोई रोक नहीं है। हालांकि आयोग के फैसले से प्रत्याशियों को प्रचार में दिक्कत आएगी, जिसके लिए दल ने एक समान चिन्ह पांचों सीटों पर मांगा है।
-काशी सिंह ऐरी, (ऐरी)

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed