उत्तराखंड में काला दिन, कई मौतों से कराह उठी देवभूमि
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उत्तराखंड के पहाड़ पर मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। शनिवार को तीन हादसों में आठ लोगों की मौत हो गई, वहीं जगह-जगह बंद पड़े रास्तों ने परेशानी और बढ़ा दी हैं।
कोटद्वार-नजीबाबाद के बीच सुखरौ नदी पर बने रेलवे ब्रिज का एक पिलर शुक्रवार रात ढह गया। गनीमत रही समय पर सूचना मिल गई और यातायात रोक दिया गया। वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
गढवाल में बारिश से तो शनिवार को कुछ राहत रही, लेकिन हादसों ने झकझोर दिया। घनसाली (टिहरी)। भिलंगना ब्लॉक में हिंदाव पट्टी के पुर्वाल गांव में शुक्रवार रात हुई तेज बारिश से एक आवासीय मकान टूट गया।
मकान का पूरा मलबा मीना देवी (36), सोहन लाल (14) और सोना (16) पर गिरा। इससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। उधर, चीन सीमा क्षेत्र में 71 इंजीनियरिंग कोर चंडीगढ़ का वाहन सरस्वती नदी में गिरने से हवलदार रघुवर दत्त (40) और जवान होशियार सिंह (24) की मौत हो गई।
जबकि जवान स्वर्ण सिंह (26) लापता है। दुर्घटना में गंभीर घायल जवान राहुल चावले (24) को हेलीकाप्टर से आर्मी अस्पताल जोशीमठ लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आर्मी अस्पताल बरेली ले जाया गया है।
कोटद्वार-नजीबाबाद के बीच रेल आवागमन ठप
तीसरा हादसा चंबा-ऋषिकेश मार्ग पर बेमुंडा के पास हुआ। यहां बस दुर्घटना में तीन की मौत हो गई। जबकि दो लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया। यह बस ऋषिकेश से रणाकोट जा रही थी।
मृतकों में प्रमोद (32) निवासी ढुंगीधार और सुंदरी देवी (65) निवासी चाका जखोली शामिल है। उधर, कोटद्वार में सुखरौ नदी पर बने रेलवे ब्रिज का एक पिलर शुक्रवार रात ढह गया।
इससे कोटद्वार-नजीबाबाद के बीच रेल आवागमन ठप हो गया। लेकिन समय पर सूचना मिलने से बड़ा हादसा टल गया। शनिवार सुबह मसूरी एक्सप्रेस चलने को तैयार थी, तभी यह जानकारी मिल गई। इसके बाद रेलवे ने कोटद्वार की सभी रेलवे सेवाएं स्थगित कर दी।
हादसों के साथ ही रुक-रुक कर हो रही बारिश के चलते बंद पड़ी सड़कें भी लोगों की दिक्कतें बढ़ा रही हैं। चमोली में बारिश से 35 ग्रामीण मोटर मार्ग बंद हैं। वहीं 125 पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त पड़ी हैं। पौड़ी में चार स्टेट हाईवे समेत 58 संपर्क मार्ग और दो हाईवे बंद हैं।
चंबा-धरासू हाईवे मलबा आने से बड़े वाहनों के लिए बंद
बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग भी शनिवार को वाहनों की आवाजाही के लिए नहीं खुल पाया है। हाईवे अवरुद्ध होने से बदरीनाथ धाम में 1120 तीर्थयात्री और 41 वाहन फंसे हुए हैं। जबकि बदरीनाथ जा रहे करीब साढ़े चार सौ यात्रियों को पांडुकेश्वर और जोशीमठ में रोका गया है।
चंबा-धरासू हाईवे भी सुल्याधार के पास मलबा आने से बड़े वाहनों के लिए बंद है। इससे गंगोत्री-यमुनोत्री जाने वाले पर्यटक एवं डाक कावड़ फंसे हुए हैं। जबकि नई टिहरी-जाखधार-घनसाली, चंबा-कोटीकालोनी समेत जिले के 85 मोटर मार्गों पर यातायात अवरुद्ध है।
उधर, कुमाऊं में भारी बारिश से महाकाली, गोरी, सरयू के साथ ही रामगंगा नदियां उफान पर हैं। अन्य सभी छोटी नदियों में भी लगातार पानी बढ़ रहा है। प्रशासन ने खतरे की आशंका को देखते हुए नदी किनारे के लोगों को शिफ्ट कर दिया है।
भैंसखाल पंचायत में 18 परिवारों की 40 नाली, बजानी तोक में 9 परिवारों की करीब 55 नाली जमीन रामगंगा के कटाव से बह गई है। मुनस्यारी को जाने वाली 33 केवी के तीन बिजली के पोल भी रामगंगा की जद में आ गए हैं। इस कारण मुनस्यारी में बिजली संकट पैदा हो सकता है।