उत्तराखंड: मंत्री रेखा आर्या प्रकरण की जांच के लिए एसआईटी गठित, दस सदस्यीय टीम करेगी जांच
मंत्री रेखा आर्या ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था। उसके साथ ऑडियो भी जारी किया। इस ऑडियो में गिरधारी लाल साहू एक महिला से बात कर रहे थे। आरोप है कि इस महिला के साथ वह मंत्री को जान से मारने का षडयंत्र रच रहे थे। जिसके बाद मंत्री ने पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
विस्तार
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की ओर से पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ दर्ज कराई गई प्राथमिकी की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है। एसपी देहात जया बलोनी के नेतृत्व में 10 सदस्यीय टीम मामले की जांच करेगी।
मंत्री ने कैंट थाने में पति पर प्रताड़ित करने, जातिसूचक शब्द कहने, दस्तावेजों पर फर्जी हस्ताक्षर कर एक कंपनी के निदेशक पद से हटाने और एक अन्य महिला के साथ मिलकर जान से मारने का षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने पति के पहले से विवाहित होने और विवाहेत्तर संबंध होने की बात भी शिकायत में कही है। मंत्री की शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब एसआईटी आरोपों से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों की पड़ताल करेगी। एसआईटी प्रभारी जया बलोनी ने बताया कि टीम इस प्रकरण से जुड़ी सभी जानकारियां और साक्ष्य एकत्र कर रही है। मंत्री का स्वास्थ्य ठीक होने के बाद इस मामले में उनके बयान लिए जाएंगे। वहीं, मंत्री के पति का वायरल ऑडियो एसआईटी ने फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।
टीम में ये हैं शामिल
एसआईटी प्रभारी एसपी देहात जया बलोनी, सीओ सहसपुर अनुज कुमार, शहर कोतवाल कैलाश चंद्र भट्ट, शहर कोतवाल, प्रभारी एसओजी सिटी संदीप कुमार, महिला सब इंस्पेक्टर विनयता चौहान, सब इंस्पेक्टर कमलेश गौड़, सब इंस्पेक्टर संदीप कुमार, हेड कांस्टेबल किरन कुमार, कांस्टेबल अजय, कांस्टेबल संजीत कुमार।
मंत्री रेखा आर्या की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस प्रकरण की जांच के लिए 10 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है। टीम को इस मामले की गहनता से जांच के निर्देश दिए गए हैं।
- प्रमेंद्र सिंह डोबाल, एसएसपी देहरादून
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ये है पूरा मामला
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने गुरुवार रात को अपने पति गिरधारी लाल साहू पर जालसाजी, जातिगत प्रताड़ना और जान से मारने का षडयंत्र रचने का आरोप लगाया था। कैबिनेट मंत्री की शिकायत पर कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई थी। मंत्री का आरोप यह भी है कि उनका पति पहले से विवाहित है और वर्तमान में भी उनके विवाहेत्तर संबंध हैं। अब वह एक महिला के साथ मिलकर जान से मारना चाहता है। आरोप यह भी हैं कि मंत्री के पति ने कई दस्तावेज पर उनके फर्जी हस्ताक्षर कर उन्हें पदों से हटा दिया जबकि उन्होंने किसी भी पद से त्यागपत्र नहीं दिया है। मंत्री ने पुलिस को बताया था कि उनका विवाह 2004 में बरेली के रहने वाले गिरधारी लाल साहू से हुआ था। वह पहले से शादीशुदा थे इस बात को उन्होंने छुपाया। पहली शादी से उनके बच्चे भी हैं। जब उन्हें यह बात पता चली तब तक उनके भी बच्चे हो गए थे।
ऐसे में लोक लिहाज के कारण वह चुप रहीं। आरोप है कि वह (रेखा आर्या)अनुसूचित जाति से आती हैं जबकि गिरधारी लाल साहू दूसरी जाति से हैं। पिछले कुछ समय से गिरधारी लाल साहू का व्यवहार बदलने लगा। कुछ समय बाद पता चला कि वर्तमान में साहू के दूसरी महिलाओं से संबंध हैं। इस पर जब उन्होंने आपत्ति जताई तो साहू ने मौखिक और लिखित दोनों रूप से उनसे माफी मांगी। बावजूद इसके साहू की हरकतों में कोई बदलाव नहीं आया। जब उन्होंने इस बात का विरोध किया तो साहू ने उनके साथ मारपीट की। गाली गलौज की और जातिसूचक शब्द कहे। आरोप है कि साहू कई बार उनके सरकारी आवास पर आया और आपत्तिजनक शब्द कहे। इसके बाद और भी बातों का खुलासा हुआ। पता चला कि साहू ने दस्तावेज पर जाली हस्ताक्षर कर कंपनी ने उन्हें निदेशक पद से हटा दिया। जबकि उन्होंने ऐसा कोई भी पत्र नहीं बनाया और न ही कभी त्यागपत्र दिया।
मंत्री रेखा आर्या की हालत स्थिर
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की हालत स्थिर है। बृहस्पतिवार को उन्हें सीने में दर्द होने के बाद भर्ती कराया गया था। जांच में उच्च रक्तचाप और दिल की धड़कन तेज होने की बात सामने आई थी। कृष्णा मेडिकल सेंटर के चिकित्सक डॉ. सुधांशु के मुताबिक जांच में मंत्री रेखा के शरीर में ट्रोपोनिन का स्तर मामुली रूप से बढ़ा हुआ मिला है। अन्य जांचे भी कराई जा रही हैं। डॉक्टर की टीम उनके स्वास्थ्य पर पूरी तरह नजर रख रही है।