{"_id":"65dee5f30c75339e660e0397","slug":"economic-survey-report-year-2022-23-uttarakhand-economy-took-a-big-leap-growth-rate-7-03-percent-2024-02-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarakhand: प्रदेश की अर्थव्यस्था ने लगाई बढ़ी छलांग, 7.03 %, रही विकास दर, आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट आई सामने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarakhand: प्रदेश की अर्थव्यस्था ने लगाई बढ़ी छलांग, 7.03 %, रही विकास दर, आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट आई सामने
Wed, 28 Feb 2024 02:24 PM IST
रेनू सकलानी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Wed, 28 Feb 2024 02:24 PM IST
सार
आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट वर्ष 2023-24 के अनुसार उत्तराखंड में प्रति व्यक्ति आय में भी 12.64 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। प्रति व्यक्ति आय बढ़कर दो लाख 60 हजार 201 रुपया पहुंच गई है।
विज्ञापन
बैठक
- फोटो : amar ujala
विस्तार
प्रदेश की अर्थव्यस्था ने बढ़ी छलांग लगाई है। आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट वर्ष 2023-24 सामने आई है, जिसके प्रदेश की विकास दर बढ़कर 7.58 फीसदी पहुंच गई है, जो 2022-23 में 7.03 फीसदी थी।वर्ष 2023-24 में अर्थव्यवस्था का आकार बढ़कर 346.20 हजार करोड़ पहुंच गया है, 2022-23 में इसका आकार 303.78 हजार करोड़ था।
विज्ञापन
उत्तराखंड में प्रति व्यक्ति आय में भी 12.64 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 2 लाख 60 हजार 201 रुपया पहुंच गई है। साल 22-23 में यही आय दो लाख 30 हजार 994 थी।उत्तराखंड में सेकेंडरी सेक्टर में एक बार फिर बूम देखने को मिला है।
विज्ञापन
एग्रीकल्चर का अर्थव्यवस्था में 9.99% योगदान रहा
अर्थव्यवस्था में सेकेंडरी सेक्टर का सबसे अधिक 46.84 परसेंट का योगदान रहा है। दूसरे नंबर पर टर्सरी सेक्टर यानी की सर्विस सेक्टर रहा है। सर्विस सेक्टर का अर्थव्यवस्था में 43.17% योगदान रहा है। वहीं प्राइमरी सेक्टर यानी एग्रीकल्चर का अर्थव्यवस्था में 9.99% योगदान रहा है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें....Uttarakhand: गरीबों को साल में तीन गैस सिलिंडर मुफ्त, सस्ती दरों पर मिलेगा नमक, जानें बजट में क्या और खास
उत्तराखंड में बेरोजगारी दर में भी भारी कमी देखने को मिली है। 21- 22 में उत्तराखंड में 8.4 फ़ीसदी बेरोजगारी दर थी, जो 22 23 में घटकर 4.9 फ़ीसदी रह गई। वहीं बहुआयामी गरीबी में भी भारी गिरावट आई है। साल 2015-16 में उत्तराखंड में बहुआयामी गरीबी की दर 17.67 भेज दी थी जो साल 2019-21 में घटकर 9.67 फ़ीसदी रह गई। उत्तराखंड में 125000 लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य है। इसके विपरीत अभी तक 68 हजार 579 लखपति दीदी बनाई जा चुकी हैं।