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Dehradun News: ड्रोन से रखी जा रही वन्य जीवों पर नजर
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देहरादून। आबादी क्षेत्र में आने वाले वन्यजीवों से लोगों को सुरक्षित रखने के लिए वन विभाग की ओर से ड्रोन से निगरानी की जा रही है। इसके अलावा विभाग की ओर से लोगों को सतर्क करने के साथ जागरूक भी किया जा रहा है।
लच्छीवाला रेंज में हाल के दिनों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को ध्यान में रखते हुए विभाग ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। रेंज की वन क्षेत्राधिकारी मेधावी कीर्ति ने बताया, मानव जीवन और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई गई है। रेंज के अंदर और मानव बसावट वाले इलाकों में वन कर्मियों की नियमित गश्त बढ़ाई गई है। साथ ही रात के समय निगरानी के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा वन्यजीवों की आवाजाही वाले मार्गों, पगडंडियों और पर्यटन स्थलों के पास चेतावनी व सूचना साइन बोर्ड लगाए गए हैं।
इससे स्थानीय लोग व पर्यटक सतर्क रहें। उधर मानव-वन्यजीव संपर्क की सूचना मिलते ही त्वरित पहुंच सुनिश्चित करने के लिए आरआरटी टीम 24 घंटे मुस्तैद है। टीम में प्रशिक्षित कर्मचारी, ड्रोन सहायता और कैप्चर उपकरण शामिल हैं। जबकि पर्यटन स्थलों पर कूड़ा फेंकने पर वाइल्डलाइफ एक्ट-1972, भारतीय वन नियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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लच्छीवाला रेंज में हाल के दिनों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को ध्यान में रखते हुए विभाग ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। रेंज की वन क्षेत्राधिकारी मेधावी कीर्ति ने बताया, मानव जीवन और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई गई है। रेंज के अंदर और मानव बसावट वाले इलाकों में वन कर्मियों की नियमित गश्त बढ़ाई गई है। साथ ही रात के समय निगरानी के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा वन्यजीवों की आवाजाही वाले मार्गों, पगडंडियों और पर्यटन स्थलों के पास चेतावनी व सूचना साइन बोर्ड लगाए गए हैं।
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इससे स्थानीय लोग व पर्यटक सतर्क रहें। उधर मानव-वन्यजीव संपर्क की सूचना मिलते ही त्वरित पहुंच सुनिश्चित करने के लिए आरआरटी टीम 24 घंटे मुस्तैद है। टीम में प्रशिक्षित कर्मचारी, ड्रोन सहायता और कैप्चर उपकरण शामिल हैं। जबकि पर्यटन स्थलों पर कूड़ा फेंकने पर वाइल्डलाइफ एक्ट-1972, भारतीय वन नियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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