फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Drone Didi 215 women from seven villages of Uttarkashi became Drone Didi Uttarkashi Uttarakhand News in hindi

Uttarakhand: प्रदेश की पहली ड्रोन दीदी बनीं 215 महिलाएं, जानिए वीरांगना कृषक उत्पादक संगठन उत्तरकाशी की कहानी

Thu, 07 Mar 2024 03:11 PM IST
रेनू सकलानी विपिन नेगी, संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी
विपिन नेगी, संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी Published by: रेनू सकलानी Updated Thu, 07 Mar 2024 03:11 PM IST
सार

वीरांगना कृषक उत्पादक संगठन स्वायत्त सहकारिता से जुड़ीं महिलाओं को करीब नौ लाख का ड्रोन मुहैया करवाया गया है। इस ड्रोन के माध्यम से एक एकड़ भूमि पर पांच मिनट में कीटनाशक दवाओं और जैविक खाद का छिड़काव किया जा सकता है।

विज्ञापन
Drone Didi 215 women from seven villages of Uttarkashi became Drone Didi Uttarkashi Uttarakhand News in hindi
बैठक - फोटो : amar ujala

विस्तार

जनपद के दूरस्थ मोरी विकासखंड के सात गांव की 215 महिलाएं प्रदेश की पहली ड्रोन दीदी बन गई हैं। कृषि विभाग और नाबार्ड की मदद से जखोल के वीरांगना कृषक उत्पादक संगठन स्वायत्त सहकारिता की महिलाओं को ड्रोन उपलब्ध करवाया गया है। जिसकी सहायता से यह महिलाएं करीब 15 किलो सेब को अपने बगीचों से सुरक्षित स्थान तक पहुंचा पाएंगी।

विज्ञापन


कृषि विभाग और नाबार्ड की मदद से कृषि और बागवानी के क्षेत्र को तकनीकी रूप से समृद्ध किया जा रहा है। इसके लिए काश्तकारी और बागवानी क्षेत्र से जुड़े संगठनों और समूहों को ड्रोन मुहैया करवाया जा रहा है। इसके लिए कृषि विभाग की ओर से 75 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है।
विज्ञापन


प्रदेश में पहली बार उत्तरकाशी के मोरी विकासखंड के जखोल गांव की वीरांगना कृषक उत्पादक संगठन स्वायत्त सहकारिता से जुड़ीं महिलाओं को करीब नौ लाख का ड्रोन मुहैया करवाया गया है। इस ड्रोन के माध्यम से एक एकड़ भूमि पर पांच मिनट में कीटनाशक दवाओं और जैविक खाद का छिड़काव किया जा सकता है। अब ड्रोन तकनीक के माध्यम से 15 किलो सेब को एक बार में सड़क तक पहुंचा पाएंगे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

फसलों का उत्पादन बढ़ेगा
विरांगना कृषक उत्पादक संगठन स्वायत्त सहकारिता के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय राणा ने बताया, प्रदेश में पहली बार मोरी विकासखंड के सात गांव जखोल सहित धारा, कोट गांव, पाव तल्ला, पाव मल्ला सहित सुनकुंडी और सावणी की 215 महिलाएं ड्रोन दीदी बनी हैं। इससे काश्तकारों को अपनी फसलों के उत्पादन को बढ़ाने में सहयोग मिलेगा, क्योंकि खाद और दवाओं के छिड़काव में जो समय अधिक लगता था। वह समय काश्तकार अन्य प्रयोगों के लिए निकाल सकते हैं।

ये भी पढ़ें...Kedarnath: पैदल मार्ग से बर्फ हटाने का काम शुरू, एवलांच का खतरा...12 किमी हिस्से में पांच फीट बर्फ, तस्वीरें

यह जनपद के लिए गर्व का विषय है कि प्रदेश में पहली ड्रोन दीदी उत्तरकाशी से बनी हैं। वहीं, मोरी क्षेत्र में सेब का अच्छा उत्पादन होता है। सेब को सड़क तक पहुंचाने में अधिक समय और पैसा खर्च होता था, लेकिन ड्रोन तकनीक से किसानों का समय और पैसा दोनों बचेंगे। -जेपी तिवारी, मुख्य कृषि अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed