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पेयजल विभाग ने पूछा ‘बीआईएस बताए कहां है दून के पानी में खराबी, सुधार करेंगे’

Mon, 02 Dec 2019 10:40 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 02 Dec 2019 10:40 AM IST
सार

  • पेयजल विभाग ने भारतीय मानक ब्यूरो को पत्र लिखकर मांगी जानकारी 
  • पानी की गुणवत्ता की रैकिंग में देहरादून का आंका गया है 18वां स्थान 

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Drinking water department asked BIS to tell where is a fault in water of Dehradun
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pexels.com

विस्तार

प्रदेश सरकार के पेयजल विभाग ने भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) को पत्र लिखकर पूछा है कि दून शहर में जहां पानी गुणवत्ता खराब पाई गई है, उसकी जानकारी उपलब्ध कराए ताकि वहां सुधार के उपाय किए जा सकें।

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ये पत्र बीआईएस के देहरादून स्थित कार्यालय में भेजा गया है। सचिव (पेयजल) अरविंद सिंह ह्यांकी ने पत्र भेजे जाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि सर्वे की रिपोर्ट सामने आने के बाद उन्होंने जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक को निर्देश दिए थे कि वे बीआईएस को पत्र लिखकर जानकारी प्राप्त करें। 
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उनका कहना है कि बीआईएस सर्वे की रिपोर्ट से विभाग को पानी की गुणवत्ता में सुधार लाने में मदद मिलेगी। पिछले दिनों भारतीय मानक ब्यूरो ने 21 शहरों की पीने के पानी की गुणवत्ता की रैंकिंग जारी की थी। इसमें मुंबई के पानी को सबसे साफ बताया गया था, जबकि देहरादून की रैकिंग 18वें स्थान पर थी। रिपोर्ट में यह कहा गया था कि एजेंसी ने जांच के लिए लिए जो सैंपल लिए वे टीडीएस पीएच लेवल और एल्यूमिनियम नाइट्रेट जैसे पैमाने पर फेल हो गए। 
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खराब रैंकिंग पर जलसंस्थान से मांगी थी रिपोर्ट

रैंकिंग जारी होने के बाद उत्तराखंड के पेयजल विभाग हरकत में आ गया। शासन ने जलसंस्थान से पानी की गुणवत्ता के संबंध में ब्योरा तलब किया गया। जल संस्थान के अधिकारियों द्वारा यह बताया गया कि पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए नियमित सैंपल लिए जाते हैं। 98 फीसदी सैंपल निर्धारित कसौटी पर खरे पाए गए।

देहरादून में लीकेज की समस्या

सर्वे रिपोर्ट में यह माना गया है कि देहरादून में पानी के सोर्स की गुणवत्ता सही है। सोर्स से नलों तक जाने वाले पानी की गुणवत्ता प्रभावित होने का एक प्रमुख कारण पुरानी पाइप लाइनों और उनमें लीकेज का हो सकता है। दूसरा प्रमुख कारण घरों में अंडर ग्राउंड वाटर टैंक और छतों की टंकियों से नलों में पानी जाने की वजह से गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

इन दोनों कारणों के अलावा भी यदि पानी की गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं है, तो पेयजल विभाग इसकी पहचान करना चाहता है। यही वजह है कि बीआईएस से पूछा गया है कि उसने देहरादून में किन जगह से सैंपल लिए जो गुणवत्ता की कसौटी पर फेल हो गए।


सर्वे सामने आने के बाद मैंने जल संस्थान के सीजीएम को निर्देश दिए थे कि वे बीआईएस को पत्र लिखकर उन लोकेशन का पता लगाएं जहां से नमूने लिए गए। इससे हमें पानी की गुणवत्ता के कारणों का पता चलेगा और उसमें सुधार लाने में मदद मिलेगी।
- अरविंद सिंह ह्यांकी, सचिव, पेयजल

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