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Uttarakhand Weather : नाले की दीवार 07 दिन में ही ध्वस्त, गुणवत्ता पर उठने लगे सवाल
Sat, 15 Aug 2020 12:53 PM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 15 Aug 2020 12:53 PM IST
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हरिद्वार रोड भरत विहार क्षेत्र में लाखों की लागत से बनीं नाले की दीवार।
- फोटो : RISHIKESH
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ऋषिकेश नगर निगम की ओर से भरत विहार में हाईवे किनारे बनाई गई करीब 200 मीटर नाले की दीवार सात दिन में ही जमींदोज हो गई। नाले के चंद दिनों में गिरने और एक बारिश नहीं झेल पाने निगम के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं आरसीसी नाले की दीवार जगह ईंट से नाला बनाने की मंजूरी देने वाले निगम के नीति नियंताओं की कार्यशैली पर भी प्रश्न चिह्न लग रहे हैं।
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नगर निगम की ओर से भरत विहार में हाईवे से सटाकर नाले की दीवार का निर्माण किया गया था। इस नाले को काले की ढाल में नदी में मिलना था। नगर निगम की ओर से करीब 9.50 लाख का की लागत से नाले का निर्माण किया गया था। निर्माण पूरा होने के 7 दिन बाद ही नाला ढह गया। नाले की लंबाई करीब 200 मीटर थी। चंद दिनों में नाला ढहने से स्थानीय निवासी नगर निगम की ओर से किए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं।
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सूत्रों का कहना है कि कोयलघाटी से काले की ढाल की इस नाले की दीवार का निर्माण होना था, इस नाले को चार ब्लॉकों में बांटा गया था। अभी यह एक ब्लॉक का ही काम हुआ था। नगर निगम की ओर से जो टेंडर जारी किए गए थे, उसमें एक ब्लॉक का टेंडर 22.60 लाख था।
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...तो दिखावे का हो रहा विकास
जिस प्रकार भरत विहार में हाइवे से सटे 200 मीटर छह फीट गहरे नाले को ईंट के सहारे बनाया दिया गया। हाईवे पर भारी वाहनों के संचालन होने की जानकारी के बाद भी ईंट से पहले पत्थर की दीवार बनवाना निगम ने उचित नहीं समझा। स्थानीय निवासी अमित वत्स का कहना है कि नगर निगम ने भरत विहार में जो नाला निर्माण किया गया है, उस जगह पर आरसीसी का नाला बनना चाहिए था। इससे नाला मजबूत रहता।
हाईवे पर भारी वाहनों के चलने से नाले पर किसी प्रकार का दबाव नहीं पड़ता। केवल दिखावे का विकास हो रहा है। दूरदर्शी सोच और मजबूती का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। नगर निगम को कोयलघाटी से काले की ढाल तक पूरे नाले को आरसीसी से बनाना चाहिए। इससे नाला मजबूत रहेगा।
भरत विहार में बनाए गए नाले की एक साइड में कच्चा होने के कारण पानी भरने से नाले की एकतरफ की दीवार ढह गई थी। यह नाला करीब 150 से 200 मीटर लंबा था। ठेकेदार को नए सिरे से नाला निर्माण करने के आदेश दिए गए हैं। कार्य पूर्ण होने के बाद जांच के बाद ही ठेकेदार को भुगतान किया जाएगा।
- नरेंद्र सिंह क्वीरियाल, एमएनए ऋषिकेश