उत्तराखंड में डबल मर्डर: तलाकशुदा पत्नी की दूसरी जगह शादी की बात नहीं हुई बर्दाश्त, गुस्से में युवक ने की साली और सास की हत्या
बता दें कि जीत कौर ने अपनी दत्तक पुत्री बलविंदर की शादी सितारगंज में तय कर दी थी। जिसकी 28 अगस्त को बरात आने वाली थी। इससे पहले ही उसके पूर्व पति ने सास और साली की हत्या कर दी।
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उत्तराखंड के जसपुर में तलाकशुदा पत्नी की शादी दूसरे स्थान पर तय करने से आक्रोशित युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर अपनी सास और साली की पाठल मारकर हत्या कर दी। आरोपी हत्या के बाद से ही फरार हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, भोगपुर गांव निवासी जीत कौर(70) की बेटी परमजीत कौर(35) तलाक होने के बाद अपनी मां के पास रहती थी। वहीं, जीत कौर ने अपनी भतीजी बलविंदर कौर को गोद ले रखा था। दो साल पहले उसने टांडा प्रभापुर निवासी बंटी से प्रेम विवाह किया था।
एक वर्ष पहले बलविंदर कौर का भी तलाक हो गया था। इसी बीच उनके एक बेटी भी हुई थी जिसे उसका पति ले गया था। तलाक होने के बाद वह अपनी मां जीत कौर के पास ही रह रही थी। तलाक होने के बाद भी दोनों मोबाइल पर एक दूसरे से बात करते थे।
जीत कौर को ये बात पसंद नहीं थी। इसलिए उसने अपनी दत्तक पुत्री बलविंदर की शादी सितारगंज में तय कर दी थी। जिसकी 28 अगस्त को बरात आने वाली थी। आरोप है कि शादी की जानकारी मिलने पर रविवार की देर शाम को बंटी अपनी तलाकशुदा पत्नी से मिलने आया था।
लड़ाई के बाद दी थी जान से मारने की धमकी
किसी बात को लेकर बंटी का अपनी सास जीत कौर और बड़ी साली परमजीत कौर से झगड़ा हो गया था। झगड़े में जीत कौर ने बंटी की पिटाई कर दी थी। उस समय वह दोनों मां बेटी को जान से मारने की धमकी देकर चला गया था।
मंगलवार की सुबह जीत कौर और परमजीत कौर अपनी आठ साल की बेटी नैना को साथ लेकर बैंक के कार्य से जसपुर आ रही थी। इसी दौरान बढ़ियोबाला गांव के पास बंटी ने साथियों के साथ मिलकर पाठल से कई वार किर दिए। इस दौरान दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं हत्या के बाद से ही सभी आरोपी फरार हैं।
ग्राम प्रधान सुखदेव सिंह की और से तहरीर दी जा रही है। मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास किए जाएंगे। टीमें गठित कर दी गई हैं।
- प्रमोद कुमार, एएसपी, काशीपुर।
आठ साल की नैना ने देखा कत्ल का खौफनाक मंजर
आठ वर्षीय नैना अपनी मां और नानी की हत्या की चश्मदीद गवाह है। उसने अपनी आंखों से कत्ल का खौफनाफ मंजर देखा। उसके सामने ही हत्यारों ने बेरहमी से मां और नानी का कत्ल कर दिया। नैना के अनुसार हत्यारे तीन थे, जिनमें से वह बंटी को पहचानती है। वारदात से पहले हत्यारे झाड़ियों में छिपे थे। पाटल से हमला करने के बाद मां और नानी ने खुद को बचाने का प्रयास किया। दहशतजदा बच्ची ने मौके से भागकर अपनी जान बचाई।
ग्रामीणों ने बताया कि नैना नानी और मां के साथ जिद करके खाने-पीने का सामान खरीदने शहर आ रही थी। भोगपुर से तीन किमी पैदल चलकर बड़ियोवाला जाना था। वहां से वाहन से जसपुर जातीं, लेकिन बड़ियोवाला पहुंचने से पहले ही वारदात हो गई। कत्ल के बाद नैना भागकर गांव पहुंची और परिजनों को इसकी सूचना दी।
उसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे। अपनी मां के साथ रह रही तलाकशुदा बेटी परमजीत कौर के तीन बच्चे विजय (12), हरमन कौर (10) और नैना (8) हैं। बताया जा रहा है कि बीते वर्ष जीत के बेटे कुलविंदर सिंह उर्फ काले की हत्या हो गई थी। कुलविंदर के बच्चे अभिजीत (11), चरणकौर (9), अमृत सिंह (6) हैं। कुलविंदर की हत्या के बाद उसकी पत्नी भी बच्चों को छोड़कर चली गई थी। दोनों मां-बेटी बच्चों का पालन-पोषण कर रहीं थीं। अब उन दोनों की भी हत्या हो जाने से बच्चों की परवरिश की समस्या पैदा हो गई है।
मातम में बदलीं खुशियां
मृतका जीत कौर अपनी दत्तक पुत्री बलविंदर कौर की दूसरी शादी की तैयारियों में जुटी थी। उन्हीं तैयारियों को लेकर बैंक कार्य से जसपुर जा रही थी। 28 अगस्त को बेटी की गुरुद्वारा में शादी होनी थी। उन्हें आशंका थी कि बंटी शादी में अड़चन डाल सकता है, इसलिए शादी की गुपचुप तैयारियां की जा रहीं थीं। बलविंदर ने बताया कि उसकी बंटी से फोन पर बात नहीं होती थी। उसके भाई के हत्यारे बंटी को अपने घर बुलाते थे। बलविंदर ने आशंका जताई कि विरोधियों ने ही उसकी शादी की खबर बंटी को दी होगी। शादी का विरोध करने ही वह रविवार को उनके घर पहुंचा था।
गांव में पसरा सन्नाटा
जसपुर। दो महिलाओं की दिनदहाड़े हुई हत्या से ग्रामीण सकते में हैं। दोहरे हत्याकांड से भोगपुर में सन्नाटा पसर गया है। जीत ने बैंक जाने से पहले बलविंदर को दोपहर का खाना बनाने के लिए कहा था। फिर बेटी और नातिन के साथ बैंक के लिए निकल गई थी। एक घंटे बाद बदहवास नैना ने घर आकर बताया कि उसकी मां और नानी की तीन लोगों ने हत्या कर दी। नैना से जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों ने पुलिस को घटना की सूचना दी। ग्रामीणों ने बताया कि जीत कौर साहसी महिला थी। अब सभी को बच्चों की चिंता है।