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दून अस्पताल : जटिल स्पाइन सर्जरी में मिली सफलता
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- पेड़ से गिरकर घायल हो गया था 30 वर्षीय युवक
संवाद न्यूज एजेंसी
देहरादून। दून अस्पताल के चिकित्सकों ने जटिल स्पाइन सर्जरी में सफलता हासिल की है। मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ है। प्राचार्य डॉ. गीता जैन और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रविंद्र सिंह बिष्ट ने चिकित्सकों की टीम की सराहना की है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ निवासी 30 वर्षीय नरेश राणा कुछ दिन पहले लकड़ी काटते हुए पेड़ से गिर गए थे। इस दौरान उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। जांच की गई तो पता चला कि उनके गर्दन के पीछे वाले हिस्से में काफी चोट है। एमआरआई और सीटी स्कैन में अस्थिर सी-2 ओडोन्टॉइड फ्रैक्चर की पुष्टि हुई। इससे मरीज को लकवा का भी खतरा हो सकता था। मरीज को सर्जरी की सलाह दी गई थी। इसके बाद मरीज का सी-2 ओडोन्टॉइड एंटीरियर फिक्सेशन किया गया। यह एक आधुनिक न्यूनतम इनवेसिव और नॉन-फ्यूजन स्पाइन सर्जरी है, जो फ्रैक्चर को स्थिर करने के साथ गर्दन की प्राकृतिक गतिशीलता को सुरक्षित रखती है। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रविंद्र सिंह बिष्ट ने बताया चिकित्सकों के प्रयास से ये ऑपरेशन सफल हो पाया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
देहरादून। दून अस्पताल के चिकित्सकों ने जटिल स्पाइन सर्जरी में सफलता हासिल की है। मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ है। प्राचार्य डॉ. गीता जैन और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रविंद्र सिंह बिष्ट ने चिकित्सकों की टीम की सराहना की है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ निवासी 30 वर्षीय नरेश राणा कुछ दिन पहले लकड़ी काटते हुए पेड़ से गिर गए थे। इस दौरान उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। जांच की गई तो पता चला कि उनके गर्दन के पीछे वाले हिस्से में काफी चोट है। एमआरआई और सीटी स्कैन में अस्थिर सी-2 ओडोन्टॉइड फ्रैक्चर की पुष्टि हुई। इससे मरीज को लकवा का भी खतरा हो सकता था। मरीज को सर्जरी की सलाह दी गई थी। इसके बाद मरीज का सी-2 ओडोन्टॉइड एंटीरियर फिक्सेशन किया गया। यह एक आधुनिक न्यूनतम इनवेसिव और नॉन-फ्यूजन स्पाइन सर्जरी है, जो फ्रैक्चर को स्थिर करने के साथ गर्दन की प्राकृतिक गतिशीलता को सुरक्षित रखती है। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रविंद्र सिंह बिष्ट ने बताया चिकित्सकों के प्रयास से ये ऑपरेशन सफल हो पाया है।