{"_id":"615218f98ebc3e69c76de49c","slug":"doon-hospital-stopped-the-bill-of-15-19-lakh-for-the-patients-food-dehradun-news-drn3917409157","type":"story","status":"publish","title_hn":"दून अस्पताल ने मरीजों के खाने का 15.19 लाख का बिल रोका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दून अस्पताल ने मरीजों के खाने का 15.19 लाख का बिल रोका
विज्ञापन
देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती मरीजों को मिलने वाले भोजन के बिल को लेकर विवाद हो गया है। अस्पताल प्रबंधन ने कैंटीन का अगस्त का 15 लाख 19 हजार 980 रुपये के बिल पर रोक लगा दी है। इसे लेकर अस्पताल प्रबंधन और कैंटीन संचालक आमने-सामने आ गए हैं।
दरअसल, सामान्य खुराक में मरीज को सुबह नाश्ता (दूध, ब्रेड, मक्खन) और दोपहर व रात को दाल, सब्जी, रोटी, चावल, दही दिया जाता है। जिसकी तय दर 170 रुपये प्रतिदिन प्रति व्यक्ति है। कोरोना के संदिग्ध व संक्रमित मरीजों को पौष्टिक आहार में दो बार चाय, खाना, नाश्ता, हल्दी वाला दूध, मिनरल वाटर आदि दिया गया। संक्रमण से सुरक्षा को देखते हुए डिस्पोजल पैकिंग में खाना दिया गया। ऐसे में इसकी दर 210 रुपये प्रति मरीज तय की गई। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि बीती जून में कोरोना का प्रभाव कम होने लगा था। जिस कारण भर्ती मरीजों की संख्या भी घटने लगी। इसी कारण सामान्य आईपीडी बहाल कर दी गई थी। ऐसे में संशोधित दर पर खाने के बिल पर आपत्ति लगाई गई है।
कैंटीन संचालक कृष्णावल्लभ ने बताया कि कोरोनाकाल के लिए खाने की दरें संशोधित की गई थीं। अस्पताल प्रबंधन से उन्हें लिखित या मौखिक कभी नहीं कहा कि अब खाना पूर्व निर्धारित दरों पर और पुरानी खुराक के मुताबिक देना है। ऐसे में मरीजों को वही खुराक दी गई है, जो अभी तक दी जा रही थी। जिसका उनके पास पूरा रिकार्ड है।
विज्ञापन
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केसी पंत ने कहा कि मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, डाइटीशियन, संबंधित कार्मिकों व कैंटीन संचालक को बुलाया गया है। कैंटीन से संबंधित पूरा रेकार्ड व बिल देखे जाएंगे। सभी तथ्यों को परखने के बाद बाद फैसला लिया जाएगा।
विज्ञापन
दरअसल, सामान्य खुराक में मरीज को सुबह नाश्ता (दूध, ब्रेड, मक्खन) और दोपहर व रात को दाल, सब्जी, रोटी, चावल, दही दिया जाता है। जिसकी तय दर 170 रुपये प्रतिदिन प्रति व्यक्ति है। कोरोना के संदिग्ध व संक्रमित मरीजों को पौष्टिक आहार में दो बार चाय, खाना, नाश्ता, हल्दी वाला दूध, मिनरल वाटर आदि दिया गया। संक्रमण से सुरक्षा को देखते हुए डिस्पोजल पैकिंग में खाना दिया गया। ऐसे में इसकी दर 210 रुपये प्रति मरीज तय की गई। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि बीती जून में कोरोना का प्रभाव कम होने लगा था। जिस कारण भर्ती मरीजों की संख्या भी घटने लगी। इसी कारण सामान्य आईपीडी बहाल कर दी गई थी। ऐसे में संशोधित दर पर खाने के बिल पर आपत्ति लगाई गई है।
विज्ञापन
कैंटीन संचालक कृष्णावल्लभ ने बताया कि कोरोनाकाल के लिए खाने की दरें संशोधित की गई थीं। अस्पताल प्रबंधन से उन्हें लिखित या मौखिक कभी नहीं कहा कि अब खाना पूर्व निर्धारित दरों पर और पुरानी खुराक के मुताबिक देना है। ऐसे में मरीजों को वही खुराक दी गई है, जो अभी तक दी जा रही थी। जिसका उनके पास पूरा रिकार्ड है।
विज्ञापन
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केसी पंत ने कहा कि मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, डाइटीशियन, संबंधित कार्मिकों व कैंटीन संचालक को बुलाया गया है। कैंटीन से संबंधित पूरा रेकार्ड व बिल देखे जाएंगे। सभी तथ्यों को परखने के बाद बाद फैसला लिया जाएगा।