Uttarakhand: किसानों का डाटा बेस तैयार करने के लिए होगा डिजिटल सर्वे, सरकारी योजनाओं का मिल सकेगा लाभ
किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए डिजिटल अवसरंचना तैयार होगी।
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प्रदेश के किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए उनका डाटा बेस तैयार होगा। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इसके लिए अभियान की तरह डिजिटल सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कृषि, राजस्व और राजस्व बोर्ड अपनी पूरी तैयार कर लें और आवश्यकता होने पर दूसरे विभागों से भी कर्मचारियों की कमी पूरी करें। सेटेलाइट डाटा, रियल टाइम क्रॉप इन्फोर्मेशन, मशीन लर्निंग, जीपीएस, एआई और विजुअल एनालिटिक्स की मदद से किसान रजिस्ट्री का डाटा एकत्रित होगा।
मुख्य सचिव ने कृषि डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना तैयार करने के लिए गाइडलाइन बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सर्वे के माध्यम से सभी किसानों की कृषक रजिस्ट्री को डिजिटल रूप से सत्यापित किया जाएगा और प्रत्येक किसान को एक यूनिक किसान आईडी दी जाएगी। प्रोजेक्ट एग्री स्टैक को लागू करने के लिए अभियान चलाकर डिजिटल सर्वे ई-पड़ताल का कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
कृषि क्षेत्र के विभिन्न हित धारक एक साथ आएंगे
राज्य में एग्री स्टैक प्रोजेक्ट का शत-प्रतिशत कवरेज जल्द से जल्द पूरा करने के दृष्टिगत मुख्य सचिव ने एग्री स्टैक को लागू करने में स्थानीय समुदायों व किसानों को प्रशिक्षित करके उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। एग्री स्टैक सिस्टम के माध्यम से किसान, सरकारी एजेंसियां, एग्रीटेक कंपनियां तथा वित्तीय संस्थान सहित कृषि क्षेत्र के विभिन्न हित धारक एक साथ आएंगे।
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इन सूचनाओं से तैयार होगा डिजिटल डाटा
एग्री स्टैक में किसान की पहचान (आधार), भूमि रिकॉर्ड, कवरेज, आय, बीमा, ऋण, फसलों का विवरण तथा राजस्व रिकॉर्ड जैसी सभी सूचनाओं का संग्रह होगा। इस संबंध में सेटेलाइट डाटा, रियल टाइम क्रॉप इन्फोर्मेशन, मशीन लर्निंग, जीपीएस, एआई और विजुअल एनालिटिक्स की मदद से डाटा एकत्रित किया जाएगा। एग्री स्टैक का उद्देश्य किसानों तक सरकारी लाभों व योजनाओं की बेहतर, तीव्र व आसान डिलीवरी सुनिश्चित करना है।