ज्योतिष गणना से बीमारियों का निदान भी संभव, जानिए कैसे
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ज्योतिष गणना के आधार पर तमाम बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। ज्योतिष गणना से न सिर्फ बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। बल्कि इससे विभिन्न बीमारियों का निदान भी संभव है।
अमर उजाला-ग्राफिक इरा ज्योतिष महाकुंभ के पहले दिन के शाम के सत्र में ‘भविष्य बताने वाली विभिन्न पद्धतियों के स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रयोग’ विषय पर हुए विचार विमर्श में ज्योतिषाचार्यों ने यह बात कही है।
ज्योतिषाचार्य डॉ. किशोर घिल्डियाल ने कहा कि ज्योतिषिय गणना से बीमारियों के संकेत भी लिए जा सकते हैं। संकेत पता लगने पर इन बीमारियों का समाधान भी ज्योतिष विद्या में मौजूद हैं।
ज्योतिषाचार्य प्रेमपाल कौशिक ने कहा कि आचार विचार की पूर्णता से असाध्य रोगों को भी ठीक किया जा सकता है। पूर्व ज्योतिषाचार्यों ने हजारों साल पहले ग्रहों की चाल और स्थिति के आधार कई बीमारियों की गणना कर ली थी।
गंभीर बीमारियों का इलाज भी संभव
रमल विद्या के ज्योतिष विद्वान चंद्रकांत शेवाले ने कहा कि डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और थायराइड जैसी बीमारियों का सही आंकलन रमल विद्या के जरिए किया जा सकता है।
ज्योतिष विद्वान बृजेंद्र मिश्रा ने कहा कि प्रात: काल में जन्मे बच्चों को न सिर्फ सिर की बीमारियां होती हैं, बल्कि आठवें भाव में मंगल और शनि का गठजोड़ गंभीर परेशानियां करता है। पंडित संतोष खंडूड़ी ने कहा कि बीमारियां कलिकाल से प्रभावित होती हैं।
अगर किसी बच्चे का चंद्रमा बाल्यकाल में ठीक नहीं है तो उसे कई गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ता है। पंडित विनायक ने कहा कि सूर्य और शनि का गठजोड़ गंभीर हृदय रोग पैदा करता है। पंडित सुरेश चंद्र मिश्रा ने कहा कि सूर्य शनि से प्रताड़ित बच्चे जीवन में कष्ठ भोगते हैं।
इसी प्रकार वैनाशिक नक्षत्र में पैदा बच्चे भी तमाम बीमारियों से जूझते हैं। लेकिन ज्योतिष ने इन बीमारियों को नियंत्रण में करने के उपाय बताए हैं। इसके अलावा संगोष्ठी में अन्य कई ज्योतिष विद्वानों ने ग्रहों के दुष्प्रभाव के चलते होने वाली बीमारियों पर विस्तार से जानकारी दी।